आंध्र प्रदेश में इस साल गर्मियों में बिजली की मांग काफी बढ़ने वाली है। राज्य के मुख्य सचिव और ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव के. विजयानंद ने बताया कि गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 13,700 मेगावाट और रोजाना 260 मिलियन यूनिट तक पहुंच सकती है।
गर्मी में 24 घंटे बिजली देने की तैयारी
शनिवार को हुई एक समीक्षा बैठक में विजयानंद ने कहा कि गर्मी के मौसम में किसानों को 9 घंटे मुफ्त बिजली और बाकी सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली देने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि राज्य में 40,000 नए कृषि कनेक्शन मंजूर किए गए हैं, जिनमें से 12,846 कनेक्शन जारी हो चुके हैं और बाकी जल्द जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली उत्पादन बढ़ाने पर जोर
अधिकारियों को गर्मियों के लिए पहले से योजना बनाने को कहा गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा बिजली एपीजेनको (आंध्र प्रदेश पॉवर जनरेशन कॉर्पोरेशन) के जरिए ही पैदा हो। सरकार ने एपीजेनको को कोयला खरीद और ट्रांसपोर्ट में पूरी मदद देने का वादा किया है।
नवीकरणीय ऊर्जा की बड़ी योजनाएं
आंध्र प्रदेश अगले 6 साल में 72.6 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा (सौर, पवन, पंप भंडारण और बायो-एनर्जी) जोड़ने की योजना बना रहा है। अब तक 85,727 करोड़ की स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें 1,376 मेगावाट सौर और पवन ऊर्जा, 1 मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन और 11,000 टन प्रति दिन बायोगैस उत्पादन शामिल है।
बैटरी भंडारण भी होगा शामिल
बिजली मंत्रालय ने 1,000 मेगावाट बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना को मंजूरी दी है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश ने एनएचपीसी और एसजेवीएन जैसी राष्ट्रीय कंपनियों से 1,000 मेगावाट/2,000 मेगावाट भंडारण क्षमता की मांग की है।
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