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राजस्थानी भाषा को अब तक संवैधानिक मान्यता नहीं मिल पाई है, जबकि ब्रिटिश काल में सरकारी कार्य और साहित्य रचना इसी भाषा में होते थे। 1909 के ‘द इंपीरियल गजेटियर ऑफ इंडिया’ में इसका उल्लेख मिलता है, जिसमें बताया गया है कि नेपाल में जिसे राजस्थानी भाषा की मान्यता मिली है, वह भी राजपूताना से वहां पहुंची थी।
ब्रिटिश काल में राजकीय कार्य मारवाड़ी में होते थे
- ब्रिटिश शासन के दौरान बैंकिंग और सरकारी कार्यों में मारवाड़ी भाषा का उपयोग अनिवार्य था।
- गजेटियर के अनुसार, भारत में जो अधिकारी बैंक खातों का निरीक्षण करते थे, उन्हें मारवाड़ी भाषा का ज्ञान होना जरूरी था।
- इस समय मारवाड़ी भाषा में काफी साहित्य भी लिखा गया।
नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों तक राजस्थानी भाषा का विस्तार
- राजस्थानी भाषा को नेपाल में संवैधानिक मान्यता प्राप्त है।
- 1909 के गजेटियर के अनुसार, राजपूताना से लोग नेपाल गए और वहां अपनी बस्तियां बसाईं, जिससे मारवाड़ी भाषा वहां लोकप्रिय हुई।
- हिमालयी क्षेत्रों में यह पहाड़ी भाषा के रूप में पहचानी गई।
अमेरिका और पाकिस्तान में भी राजस्थानी भाषा को मान्यता
- अमेरिका के व्हाइट हाउस में राजस्थानी भाषा एक मान्य भाषा के रूप में दर्ज है।
- बराक ओबामा के राष्ट्रपति काल में व्हाइट हाउस में भर्ती के दौरान राजस्थानी भाषा को विशेष योग्यता में शामिल किया गया था।
- पाकिस्तान के सिंध प्रांत में आज भी राजस्थानी व्याकरण स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा है।
राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए संघर्ष
- 1956 में पहली बार विधानसभा में भाषा को मान्यता देने की मांग उठी।
- 2003 में राजस्थान सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- 2006 में केंद्र सरकार की एस.ए. महापात्रा समिति ने इसे मान्यता योग्य माना, लेकिन फिर भी मंजूरी नहीं मिली।
- 2013 और 2023 में दिल्ली में बड़े प्रदर्शन हुए, लेकिन अभी तक राजस्थानी भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है।
इतिहासकार का मत
इतिहासकार अरविंद भास्कर के अनुसार, 1909 में प्रकाशित गजेटियर में मारवाड़ी भाषा के सरकारी और बैंकिंग कार्यों में उपयोग का स्पष्ट उल्लेख है। नेपाल और हिमालयी क्षेत्रों में भी यह भाषा राजपूताना की टोलियों के माध्यम से पहुंची थी। यह साबित करता है कि राजस्थानी भाषा का प्रभाव तब भी व्यापक था और अब भी है।
👉 अब देखना यह है कि 75 साल के लंबे इंतजार के बाद राजस्थानी भाषा को कब संवैधानिक मान्यता मिलेगी।
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