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जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा को धमकी मिलने के बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। तीन बड़े जेलों (जयपुर, जोधपुर, बीकानेर) में कार्रवाई करते हुए 11 जेल अधिकारी और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
क्या हुआ मामला?
🔹 सीएम और डिप्टी सीएम को धमकी मिलने के बाद जेलों की सख्ती से जांच की गई।
🔹 जेलों में बंद कैदियों के पास मोबाइल फोन मिलने के कारण सख्त कार्रवाई हुई।
🔹 जोधपुर जेल में पुलिस की टीम को अंदर जाने से रोका गया था।
किस पर हुई कार्रवाई?
📍 जयपुर जेल:
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एक कैदी ने डिप्टी सीएम को जान से मारने की धमकी दी और जेल में बैठकर मोबाइल से कॉल करता था।
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पुलिस जांच में पता चला कि वह अन्य कैदियों को 100 रुपये प्रति मिनट की दर से फोन उपलब्ध कराता था।
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कारापाल भंवर सिंह, उप कारापाल रमेश चंद, मुख्य प्रहरी वीरेंद्र सिंह भाटी, प्रहरी चंद्रपाल और सुरेंद्र निलंबित।
📍 बीकानेर जेल:
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कैदी आदिल ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर सीएम को धमकी दी।
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जांच में सामने आया कि जेल में मोबाइल सिम पहुंचाने में कारागार कर्मचारी जगदीश मीणा की भूमिका संदिग्ध है।
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उप कारापाल सिंह, मुख्य प्रहरी विजयपाल, प्रहरी जगदीश प्रसाद और अनिल निलंबित।
📍 जोधपुर जेल:
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एसडीएम और पुलिस अधिकारी जेल में छापा मारने पहुंचे, लेकिन उन्हें 20 मिनट तक अंदर नहीं जाने दिया गया।
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कारापाल रामचंद्र और मुख्य प्रहरी चैनदान को निलंबित किया गया।
क्या कहा जेल प्रशासन ने?
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जेल डीजी गोविंद गुप्ता ने इस मामले पर उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जेल प्रभारियों को सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए गए।
निष्कर्ष
राजस्थान में जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि कैदियों को जेल में अवैध सुविधाएं न मिलें और अपराधियों की धमकियों पर तुरंत कार्रवाई हो।
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