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जयपुर।
जयपुर के आगरा रोड और आसपास के इलाकों में अवैध कॉलोनियां तेजी से विकसित हो रही हैं। हालांकि, कागजों में यह इलाका इकोलॉजिकल जोन में आता है, जहां निर्माण प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, बढ़ती कनेक्टिविटी के कारण जमीन के दाम बढ़ गए हैं, जिससे अवैध कॉलोनियां विकसित होने लगी हैं।
कैसे हो रहा है अवैध निर्माण?
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कई फार्म हाउस को ही कॉलोनियों में बदल दिया गया है।
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बाउंड्रीवाल हटाए बिना प्लॉट बेचे जा रहे हैं, ताकि बाहरी लोगों को पता न चले।
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कॉलोनियों के नक्शे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं और लोग इन्हें देखकर प्लॉट खरीद रहे हैं।
कहां-कहां बन रही अवैध कॉलोनियां?
🔹 गोनेर रोड – नारायण एन्क्लेव
🔹 जामडोली, बल्लूपुरा – शुभ एन्क्लेव
🔹 पालड़ी मीणा – नवीन एन्क्लेव-2 (यहां डुप्लेक्स भी बन रहे हैं)
🔹 कानोता – सुमन सिटी
🔹 बुढ़थल – कल्याण कुंज
🔹 बगराना – बालाजी नगर
🔹 बल्लूपुरा – राजा कुंज
यह सभी इलाके इकोलॉजिकल जोन में आते हैं, जहां कॉलोनियां बनाना अवैध है।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव
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इन कॉलोनियों में बिजली, पानी, सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं।
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बालाजी नगर में हाईवे से एंट्री दिखाई गई है, लेकिन जमीन की सही स्थिति कुछ और हो सकती है।
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नारायण एन्क्लेव के नक्शे में रिंग रोड, 300 फीट और 200 फीट चौड़ी सड़कें बताई गई हैं, लेकिन सुविधा क्षेत्र नहीं है।
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शुभ एन्क्लेव (केशव विद्यापीठ रोड) के नक्शे में दुकानें तो हैं, लेकिन सुविधा क्षेत्र गायब है।
धोखाधड़ी से बचें!
अगर आप जयपुर में प्लॉट खरीदने की सोच रहे हैं, तो पहले यह जांच लें कि वह जमीन वैध है या नहीं। कई अवैध कॉलोनियों के नक्शे सोशल मीडिया पर घूम रहे हैं, जो गुमराह कर सकते हैं।
➡️ सावधान रहें और पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही कोई फैसला लें! 🚨
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