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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत हर साल लाखों किसान अपनी फसलों का बीमा कराते हैं और प्रीमियम भी भरते हैं। इसके बावजूद जब फसल खराब होती है, तो किसानों को क्लेम समय पर नहीं मिल पा रहा है। इससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
डिजिटल जमाने में जहां सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है, वहीं फसल बीमा क्लेम मिलने में अभी भी बहुत देर हो रही है। प्रदेश के हनुमानगढ़ सहित कई जिलों में खरीफ सीजन 2024 का क्लेम अब तक किसानों को नहीं मिला है, जबकि अगला खरीफ सीजन शुरू होने वाला है।
क्लेम नहीं मिलने से किसानों की आर्थिक हालत बिगड़ रही है। बीमा कंपनियों ने अभी तक सेटलमेंट का काम भी पूरा नहीं किया है। इस वजह से किसानों को यह पता नहीं चल पा रहा कि उनका बीमा क्लेम कब मिलेगा।
किसान संगठनों ने मांग की है कि जब बाकी काम ऑनलाइन हो रहे हैं तो फसल खराबे का मूल्यांकन भी जल्दी किया जाए और किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाए। जैसे ही खेत में फसल खराब हो, उसी समय नुकसान का आकलन कर क्षतिपूर्ति राशि किसानों के खाते में भेजी जाए।
हनुमानगढ़ जिले की स्थिति
हनुमानगढ़ जिले में खरीफ 2024 में एक लाख 43 हजार किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाया था और इसके लिए उनके खातों से बड़ी राशि प्रीमियम के रूप में काटी गई थी। लेकिन आज तक एक भी किसान को क्लेम नहीं मिला है।
रबी 2023 में एक लाख 38 हजार किसानों ने बीमा करवाया था, जिसमें खराबे के अनुपात में करीब 124 करोड़ रुपये का क्लेम तय हुआ था। इसमें से 122 करोड़ रुपये किसानों को बांटे गए हैं।
फिलहाल खरीफ 2024 के बीमा क्लेम के लिए किसान अब भी इंतजार कर रहे हैं।
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