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34 लाख रुपए माफ करने के बाद ही पोस्टमार्टम के लिए राजी हुआ परिवार, जानें पूरा मामला

सीकर: एक दिन पहले, सीकर के पुरोहितजी की ढाणी में एक अधेड़ व्यक्ति ने फाइनेंस कंपनी के कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। मृतक, लालचंद सैनी, ने फाइनेंस कंपनी से लिया गया कर्ज चुकाने में असमर्थ होने के कारण आत्महत्या की। कंपनी ने उसका मकान कुर्क कर दिया था, जिससे वह मानसिक रूप से बहुत परेशान था।

मृतक के परिवार और समाज के लोगों ने एसके हॉस्पिटल के मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया। इसके बाद, प्रशासन के साथ वार्ता हुई और लगभग 7 घंटे बाद परिवार ने लोन माफ करने और मकान की कुर्की समाप्त करने के आश्वासन के बाद पोस्टमार्टम करवाने के लिए राजी हो गया।

क्या हुआ था? लालचंद सैनी ने एक निजी फाइनेंस कंपनी से 15 लाख का लोन लिया था और समय-समय पर किश्तें भी चुकाईं। लेकिन, कंपनी ने ब्याज और पेनल्टी जोड़कर लोन की राशि 34 लाख तक बढ़ा दी। इसके बाद, 16 अप्रैल को कंपनी के कर्मचारी ने उसका मकान कुर्क कर लिया और उसे परिवार सहित घर से बाहर निकाल दिया। इस घटना के बाद लालचंद सैनी ने आत्महत्या करने का निर्णय लिया।

परिवार का आरोप: परिवार का आरोप है कि फाइनेंस कंपनी ने बिना किसी नोटिस के मकान कुर्क कर दिया। उन्होंने कहा कि 15 लाख का लोन, ब्याज और पेनल्टी जोड़कर 34 लाख रुपए हो गया था। इसके बाद, परिवार ने प्रशासन से न्याय की मांग की।

समझौता: विधायक राजेंद्र पारीक, पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी, भाजपा नेता रतनलाल सैनी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में प्रशासन और फाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ समझौता हुआ। फाइनेंस कंपनी ने 34 लाख रुपए का लोन माफ कर दिया और मकान की कुर्की भी समाप्त कर दी। परिवार को मकान सौंप दिया गया और सोमवार तक सभी कागजात और नो ड्यूज देने का आश्वासन दिया गया।

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