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बांसवाड़ा न्यूज़: गर्मी के मौसम में बढ़ते संकट को देखते हुए राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (RMCL) ने कड़ा रुख अपनाया है। दवाओं की कमी या लापरवाही मिलने पर अब अधिकारियों और संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला?
RMCL की प्रबंध निदेशक नेहा गिरी ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों में दवाओं की कमी या अनियमितता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कहीं गड़बड़ी पाई जाती है, तो नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
डूंगरपुर में हुई पहली कार्रवाई
गर्मी के मौसम में तैयारियों की समीक्षा के दौरान डूंगरपुर के जिला औषधि भंडार प्रभारी को अनियमितताओं के कारण कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित चिकित्सा संस्थान से भी जवाब मांगा गया है।
किन बिंदुओं पर रहेगा फोकस?
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दवाओं की उपलब्धता और वितरण में कोई कमी न हो
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हीटवेव से निपटने के लिए उपकरणों की सही स्थिति और रखरखाव
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खराब उपकरणों की जल्दी मरम्मत
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महंगी दवाओं पर कड़ी निगरानी
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लोकल स्तर पर खरीदी गई दवाओं की सही मॉनिटरिंग
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लिक्विड ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना
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जीरो एक्सपायरी पॉलिसी का पालन
आने वाले समय में और भी सख्ती
नेहा गिरी ने साफ किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बनाई गई दवा मांग में अगर अनियमितता मिली तो सीधे तौर पर जिम्मेदारों पर एक्शन लिया जाएगा। मरीजों को किसी भी हालत में दवा और जरूरी सामान की कमी का सामना नहीं करना पड़े, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
निष्कर्ष: अब सरकारी अस्पतालों में दवाओं और गर्मी से निपटने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर लापरवाही नहीं चलेगी। RMCL एक्शन मोड में है और गलती करने वालों को नहीं छोड़ेगा।
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