
2025 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में भारतीय टेनिस की उम्मीदें काफी कम रही हैं। जहां एक ओर दुनिया के बड़े खिलाड़ी जीत के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं भारतीय टेनिस को भी अपनी पहचान बनाने में कठिनाई हो रही है। खासकर, ग्रैंड स्लैम्स में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन कमजोर रहा है। इस समय भारतीय टेनिस के प्रमुख खिलाड़ी जैसे रोहन बोपन्ना, जो 44 साल के हो चुके हैं, अकेले ही संघर्ष कर रहे हैं, जबकि भारतीय टेनिस की नई पीढ़ी अपेक्षाकृत संघर्ष करती नजर आ रही है।
- रोहन बोपन्ना का संघर्ष
बोपन्ना ने भारत का नाम डबल्स इवेंट्स में कई बार रोशन किया है, लेकिन 44 साल की उम्र में, उनका भविष्य अब पहले जैसा नहीं दिखता। ग्रैंड स्लैम्स में उनकी चुनौती पहले से कहीं अधिक बढ़ चुकी है। हालांकि, वे अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन आने वाली पीढ़ी से ज्यादा उम्मीदें अब उनके ऊपर टिकी नहीं हैं।
- नई पीढ़ी के सितारे: संघर्ष की शुरुआत
भारत में टेनिस की नई पीढ़ी जैसे सुमित नागल, युकी भांबरी, और अंकिता रैना के लिए रास्ता आसान नहीं है। इन खिलाड़ियों को पहले दौर में ही बाहर होने की चिंता होती है और उनके लिए स्थिरता बनाना एक बड़ी चुनौती है।
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