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राजस्थान के 557 कॉलेजों में लगेंगे सोलर पैनल, बिजली की बचत और पर्यावरण दोनों को मिलेगा फायदा

जयपुर न्यूज: राजस्थान सरकार ने राज्य के 557 सरकारी यूजी और पीजी कॉलेजों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाने का फैसला किया है। इससे कॉलेजों की बिजली पर निर्भरता कम होगी और सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा। इस काम के लिए सरकार ने अक्षय ऊर्जा निगम को अधिकृत किया है।

क्यों लिया गया ये फैसला?

राज्य में बिजली की खपत हर साल तेज़ी से बढ़ रही है।

  • 2014-15 में रोजाना 450 लाख यूनिट बिजली खपत होती थी,

  • अब यह बढ़कर 725 लाख यूनिट प्रति दिन हो चुकी है।
    इस बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहती है।

क्या-क्या होगा फायदा?

  • कॉलेजों को कम बिजली बिल देना होगा।

  • पर्यावरण को फायदा मिलेगा।

  • स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा।

क्या है मौजूदा स्थिति?

  • अभी राज्य के केवल 30% कॉलेजों में ही सोलर पैनल लगे हैं।

  • बाकी 70% कॉलेज अभी भी बिजली कंपनियों पर निर्भर हैं।

  • राज्य में 4 हजार से ज्यादा शिक्षक और 20 लाख से ज्यादा विद्यार्थी इन कॉलेजों से जुड़े हैं।

नोडल कॉलेज बनाए गए

सरकार ने 48 कॉलेजों को नोडल कॉलेज बनाया है जो अन्य कॉलेजों को सोलर पैनल लगाने में मदद करेंगे। वे यह जानकारी देंगे कि किस कॉलेज में कितनी लोड क्षमता है और कितना पैनल लगाया जाना चाहिए।

आम जनता में भी जागरूकता की जरूरत

हालांकि सरकार की ओर से कई योजनाएं जैसे कुसुम योजना और पीएम सूर्योदय योजना चल रही हैं, लेकिन अभी भी जयपुर, जोधपुर और अजमेर जैसे बड़े शहरों में 35% घरों में सोलर पैनल नहीं लगे हैं। 50% किसान अब भी परंपरागत बिजली पर निर्भर हैं।

निष्कर्ष:

सरकार का ये कदम कॉलेजों को स्वावलंबी बनाने और हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने के लिए अहम साबित होगा। अगर यह योजना सफल होती है तो आने वाले समय में स्कूलों और अन्य सरकारी संस्थानों में भी इसका विस्तार हो सकता है।

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