Related Articles
राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में लगातार घोटाले और बकाया भुगतान की वजह से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई महीनों से दवा विक्रेताओं को पैसे नहीं मिले हैं, जिस कारण दवा काउंटरों पर मरीजों को जरूरी दवाइयां नहीं मिल रही हैं।
300 करोड़ का बकाया, मरीज भुगत रहे खामियाजा
दिसंबर 2024 के बाद से भुगतान नहीं होने पर कई दवा विक्रेताओं ने दवाइयां देना बंद कर दिया है। जानकारी के अनुसार, निजी दवा विक्रेताओं का करीब 300 करोड़ रुपए बकाया है। विक्रेताओं का कहना है कि सरकार ने 21 दिन में भुगतान करने का वादा किया था, लेकिन उसे निभाया नहीं जा रहा।
गंभीर मरीजों की भी इलाज में हो रही देरी
कैंसर के मरीजों तक को इलाज नहीं मिल पा रहा। एक मरीज के परिजन मोहित ने बताया कि कीमोथैरेपी दो बार टाल दी गई। कई मरीजों के इलाज के बिल अब तक नहीं निपटाए गए हैं।
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को नहीं मिल रही पूरी दवा
इस योजना का लाभ सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों को मिलना चाहिए, लेकिन एक पेंशनर ने बताया कि डॉक्टर की लिखी दवाओं में से आधी दवाइयां आरजीएचएस स्टोर पर नहीं मिलतीं और उन्हें बाजार से खरीदना पड़ता है।
बिना विशेषज्ञता के दवाइयां लिख रहे डॉक्टर
सरकारी अस्पतालों में कई डॉक्टर बिना किसी विशेषज्ञता और जांच के उच्च स्तरीय दवाइयां लिख रहे हैं। इस पर निदेशक जनस्वास्थ्य ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे योजना के नियमों का पालन करें।
विक्रेताओं की मांग: दोषियों का भुगतान रोको, बाकी को मिलना चाहिए पैसा
दवा विक्रेताओं का कहना है कि जो लोग गड़बड़ी कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उनका भुगतान रोका जाए, लेकिन बाकी विक्रेताओं को तो समय पर भुगतान मिलना चाहिए। अभी तक करीब 100 दवा विक्रेताओं को नोटिस भेजे गए हैं।
वित्त विभाग की चेतावनी
वित्त विभाग का कहना है कि जो दवा विक्रेता नियमों के खिलाफ काम कर रहे हैं, उनके भुगतान की जांच की जा रही है। साथ ही दवा विक्रेताओं को सलाह दी गई है कि वे लालच में न आकर केवल नियमों के अनुसार ही दवा वितरित करें।
नतीजा ये है कि मरीज परेशान हैं और इलाज में देरी हो रही है। जरूरत है कि सरकार जल्द से जल्द इस स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए।
CHANNEL009 Connects India
