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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर पूरे देश से निंदा हो रही है। इसी बीच अजमेर दरगाह दीवान के बेटे और ऑल इंडिया सूफी सज्जादनशीन काउंसिल के अध्यक्ष नसरुद्दीन चिश्ती ने भी इस हमले की कड़ी आलोचना की है।
अपने बयान में उन्होंने कहा, “मजहब पूछकर टूरिस्ट की हत्या करना बेहद अमानवीय है। यह सीधा इंसानियत के खिलाफ युद्ध जैसा है।”
चिश्ती ने सरकार से अपील की कि ऐसे आतंकियों को कड़ा जवाब देना चाहिए, जैसे पुलवामा हमले के बाद दिया गया था। उन्होंने कहा कि देश की शांति और सुरक्षा के लिए इन आतंकियों को चुन-चुनकर खत्म करना जरूरी है।
उन्होंने ये भी कहा कि कश्मीर में शांति और विकास की प्रक्रिया को बिगाड़ने की साजिश की जा रही है। चिश्ती ने साफ किया कि इस्लाम या कोई भी धर्म निर्दोषों की हत्या की इजाजत नहीं देता। जो लोग धर्म के नाम पर खून बहाते हैं, वो धर्म नहीं, आतंकवाद का साथ दे रहे हैं।
चिश्ती के इस बयान को सोशल मीडिया पर काफी समर्थन मिल रहा है। लोग इसे कट्टरवाद के खिलाफ एक मजबूत आवाज मान रहे हैं।
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