Related Articles
बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में इंद्रावती टाइगर रिजर्व के पास घायल मिले बाघ के मामले में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। करीब तीन दिन की जांच के बाद वन विभाग की टीम ने बाघ को फंदे में फंसाने वाले शिकारियों को पकड़ लिया है।
घटना ऐसे आई सामने:
16 अप्रैल को ग्रामीणों ने सूचना दी कि कांदुलनार, मोरमेड़ और तोयनार गांव के जंगलों में एक बाघ घायल हालत में पड़ा है। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और 16-17 अप्रैल की रात को बाघ को बेहोश करके इलाज के लिए रायपुर के जंगल सफारी भेजा गया। बाघ के पिछले दोनों पैरों में गहरे घाव हो गए थे और उनमें कीड़े पड़ गए थे।
ऐसे हुआ खुलासा:
जांच के दौरान टीम को घटनास्थल के पास तार के फंदे और अन्य सबूत मिले। इसके बाद टीम आरोपी मनीष पुलसे के गांव कांदुलनार पहुंची। कड़ी पूछताछ में मनीष ने स्वीकार किया कि फंदा उसी ने और उसके साथियों ने लगाया था। उन्होंने बताया कि यह फंदा उन्होंने जंगली सूअर पकड़ने के लिए लगाया था, लेकिन इसमें बाघ फंस गया।
बाघ की हालत और कार्रवाई:
बाघ के फंदे में फंसने से उसके पैरों में गंभीर चोटें आईं। आरोपियों में से एक कन्ना चापा की मौत पहले ही हो चुकी थी। मनीष पुलसे सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मनीष को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई करते हुए 21 अप्रैल को जेल भेज दिया गया है।
वन विभाग की सतर्कता से बची जान:
वन विभाग की समय पर कार्रवाई और ग्रामीणों की सूचना से बाघ को समय रहते इलाज मिल सका। हालांकि उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और इलाज जारी है।
CHANNEL009 Connects India
