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गर्मियों के बीच मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में जल संकट गहरा गया है। क्षेत्र की सबसे बड़ी नदी कालीसिंध सूख चुकी है, जिससे किसान अब अपने खेतों में पानी की कमी को पूरा करने के लिए गड्ढे खोदकर सिंचाई कर रहे हैं।
जल संकट बढ़ा
शाजापुर जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की भारी कमी हो रही है। नर्मदा नदी का पानी जिले में आ चुका है, लेकिन योजना को पूरा होने में समय लगने की वजह से लोग अब भी परेशान हैं। कालीसिंध नदी जो कि जिले के लिए एक प्रमुख जलस्रोत है, इस बार अप्रैल के महीने में ही सूख गई है। इसके कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट फैलने लगा है।
पानी के लिए कड़ी मेहनत
कालीसिंध नदी के किनारे बसे किसान अब नदी में गड्ढे खोदकर बचे हुए पानी को सिंचाई के लिए उपयोग कर रहे हैं। वहीं, महिलाएं पेयजल के लिए नलकूपों पर बड़ी संख्या में बर्तन लेकर पहुंच रही हैं। इन जगहों पर पानी के लिए लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
नर्मदा से उम्मीद
हालांकि, जिले में नर्मदा नदी का पानी आ चुका है और इस पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन डाली जा रही है। इस परियोजना का काम पूरा होने में समय लगेगा। साथ ही, लाहोरी के पास एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है, जहां से नर्मदा का पानी 460 से अधिक गांवों में पहुंचेगा। यह परियोजना 2027 तक पूरी हो जाएगी, जिसके बाद जिले में पानी की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।
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