कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की नीलम घाटी में दहशत का माहौल है। भारत की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका के चलते घाटी में अघोषित लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा उपायों के तहत रात के समय बिजली सप्लाई बंद करने यानी ब्लैकआउट की घोषणा की है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घाटी में हालात तेजी से तनावपूर्ण हो रहे हैं। लोग घरों में सिमट गए हैं और पर्यटक इलाका होने के बावजूद नीलम घाटी पूरी तरह वीरान हो चुकी है। प्रशासन ने सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखते हुए अधिकारियों की छुट्टियां तक रद्द कर दी हैं।
क्यों है नीलम घाटी पर खतरे की आशंका?
नीलम घाटी नियंत्रण रेखा (LoC) से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जाती है। यह इलाका पाक अधिकृत कश्मीर में आता है, लेकिन भारत इस पर अपना दावा करता रहा है। पहलगाम हमले के बाद इस क्षेत्र पर भारत की संभावित सैन्य प्रतिक्रिया की आशंका ने वहां के लोगों को डरा दिया है।
ब्लैकआउट का उद्देश्य
प्रशासन ने कहा है कि रात के समय बिजली बंद रखने का फैसला सुरक्षा कारणों से लिया गया है। उनका तर्क है कि अंधेरे में संभावित हमले के दौरान जानमाल की रक्षा आसान होगी और दुश्मन को लक्ष्य निर्धारण में कठिनाई होगी। इसके साथ ही सभी अधिकारियों को अपने-अपने कार्यस्थलों पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्यटन और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित
जहां नीलम घाटी कभी पर्यटकों से गुलजार रहती थी, अब वहां भय और सन्नाटा छा गया है। गर्मियों के मौसम में आमतौर पर यहां पर्यटकों की भीड़ रहती है, लेकिन इस बार घाटी पूरी तरह खाली है। स्थानीय लोग भी सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं और बंकरों में शरण ले रहे हैं।
पाकिस्तान के मीडिया और प्रशासनिक हलकों में भी यह स्वीकार किया जा रहा है कि नीलम घाटी फिलहाल भारत के संभावित जवाबी हमले की जद में है, जिससे वहां की स्थिति बेहद संवेदनशील हो चुकी है।
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