भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रही है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बयान जारी कर कहा कि अगर भारत किसी और कार्रवाई से परहेज करता है, तो पाकिस्तान भी स्थिति को बिगाड़ना नहीं चाहेगा।
क्यों दबाव में नजर आ रहा है पाकिस्तान?
भारत की जवाबी कार्रवाई में सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया, जिनमें सौ से अधिक आतंकवादियों के मारे जाने की खबर है। इस हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान का संयमित बयान इस ओर इशारा करता है कि वह सीधे टकराव से बचना चाहता है — और इसके पीछे कई कारण हैं।
भारत की सैन्य और रणनीतिक बढ़त
भारत और पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं की तुलना करें तो भारत कई मामलों में भारी पड़ता है। साल 2024 में भारत का रक्षा बजट पाकिस्तान की तुलना में कई गुना अधिक रहा। इसके अलावा, भारतीय सेना के पास अत्याधुनिक तकनीक, बड़ी जनशक्ति और बेहतर कूटनीतिक सहयोग है, जो पाकिस्तान की सीमित क्षमताओं के मुकाबले में कहीं अधिक प्रभावशाली हैं।
आर्थिक संकट से जूझ रहा है पाकिस्तान
विश्व आर्थिक मंच (World Economics) की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उसकी GDP महज 350 अरब डॉलर के करीब है, जबकि भारत की अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को छूने वाली है। ऐसे में पाकिस्तान किसी बड़े सैन्य अभियान की लागत उठाने की स्थिति में नहीं है।
वैश्विक समर्थन में भी पिछड़ा
भारत को अमेरिका, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख देशों का समर्थन प्राप्त है, जबकि पाकिस्तान को अपेक्षित मदद चीन जैसे पारंपरिक साझेदार से भी फिलहाल नहीं मिल रही। यही कारण है कि पाकिस्तान ने फिलहाल रक्षात्मक रुख अपनाया है और तनाव को बढ़ने से रोकने की बात कर रहा है।
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