इस्लामाबाद/नई दिल्ली: भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई के बाद जहां पाकिस्तान सरकार दबाव में है, वहीं विपक्षी दल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार की कड़ी आलोचना की और देश के नेतृत्व की क्षमता पर सवाल उठाए हैं।
PTI का बयान: पाकिस्तान को चाहिए इमरान खान जैसा नेतृत्व
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बयान जारी करते हुए कहा, “पाकिस्तान को एक ऐसी सरकार चाहिए जो जनता द्वारा चुनी गई हो। हमें एक ऐसा नेता चाहिए जो जनता का सच्चा प्रतिनिधि हो, दूरदर्शी हो, और जिसमें नेतृत्व की क्षमता हो। पाकिस्तान को इमरान खान की जरूरत है।”
PTI ने आगे कहा, “बाहरी खतरे जब सामने होते हैं तो एकजुटता जरूरी होती है, और वह केवल सच्चे नेतृत्व के अंतर्गत ही संभव है। अब वक्त आ गया है कि इमरान खान को रिहा किया जाए और देशहित में उनसे मार्गदर्शन लिया जाए।”
भारतीय हमले के बाद बढ़ा तनाव
भारत ने 6 और 7 मई की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के भीतर 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल हमले किए। इन हमलों में लगभग 30 आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। भारत की इस कार्रवाई को पहलगाम में हुए 22 अप्रैल के आतंकी हमले का जवाब माना जा रहा है, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी।
किन ठिकानों पर हुआ हमला
भारतीय हमलों में लाहौर के जोहर टाउन, कोटली, मुजफ्फराबाद, बहावलपुर, मुरिदके, सियालकोट, इस्लामाबाद, फैसलाबाद और अहमदपुर पूर्वी जैसे इलाकों को निशाना बनाया गया। सूत्रों के मुताबिक, हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे कुख्यात आतंकियों के ठिकाने भी इस ऑपरेशन में तबाह कर दिए गए हैं।
इसके अलावा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रशिक्षण शिविरों पर भी हमला किया गया है, जिन्हें पाक सेना और खुफिया एजेंसियों के संरक्षण में चलाया जा रहा था।
पाकिस्तानी सेना की स्वीकारोक्ति
पाक सेना ने भी हमले की पुष्टि की है, हालांकि वह भारत के दावे को कमतर बताने की कोशिश कर रही है। लेकिन इस्लामाबाद में बढ़ती राजनीतिक खींचतान और PTI की तीखी प्रतिक्रिया यह संकेत दे रही है कि पाकिस्तान के भीतर भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है।
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