गाज़ा में हालात दिनों-दिन बदतर होते जा रहे हैं और अब हमास ने यह साफ कर दिया है कि जब तक इज़राइल “भूख को हथियार” बनाकर अपने हमले जारी रखेगा, तब तक किसी भी प्रकार की युद्धविराम या बंधक रिहाई वार्ता का कोई औचित्य नहीं है।
हमास नेता बासेम नईम ने कहा कि जब लोगों को भोजन और सहायता से वंचित रखा जा रहा है और गाज़ा में मानवीय संकट अपने चरम पर है, तब कोई बातचीत बेकार है। उन्होंने इस संकट को “युद्ध अपराध” करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की अपील की।
इज़राइल की नई योजना और वैश्विक आलोचना
इज़राइल की सुरक्षा कैबिनेट ने एक विस्तृत सैन्य अभियान को मंजूरी दी है, जिसके तहत गाज़ा की पूरी 2.1 मिलियन आबादी को फिर से दक्षिण की ओर विस्थापित किया जा सकता है। साथ ही, इज़राइल गाज़ा के राहत वितरण तंत्र को सैन्य नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रहा है, जिससे UN और अन्य एजेंसियों को दरकिनार किया जा सके।
संयुक्त राष्ट्र ने इस योजना को “मानवीय सहायता का सैन्यीकरण” बताया है और इसे अस्वीकार्य करार दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेताया है कि इस तरह की कार्रवाइयों से “अनगिनत निर्दोष लोगों की जान जाएगी और गाज़ा और अधिक तबाह हो जाएगा।”
इज़राइल की नई राहत योजना और विवाद
इज़राइल अब राफा के तीन केंद्रों से निजी कंपनियों और अमेरिकी संगठनों के माध्यम से राहत सामग्री वितरित करना चाहता है। हर परिवार का एक सदस्य हर हफ्ते लगभग 70 किलो भोजन लेने के लिए इन केंद्रों में जा सकेगा। हालांकि, इस प्रक्रिया में हमास से जुड़े लोगों की छंटनी के लिए सख्त जांच की जाएगी।
UN के मानवीय मामलों के कार्यालय (OCHA) ने इस योजना को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह “पूरी तरह से मानवता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ” है। OCHA के प्रवक्ता जेन्स लार्के ने कहा, “राहत केवल ज़रूरत के आधार पर दी जानी चाहिए, न कि लोगों को किसी विशेष क्षेत्र में ले जाने के इरादे से।”
स्थिति और बिगड़ती जा रही है
गाज़ा में इसरायली बमबारी और ज़मीनी अभियान के चलते लाखों लोग फिर से बेघर हो चुके हैं। करीब 70% क्षेत्र को या तो “नो-गो ज़ोन” घोषित किया गया है या वहाँ से पलायन के आदेश दिए गए हैं।
हाल ही में एक UN संचालित स्कूल पर किए गए हमले में 31 लोगों की मौत हुई — जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे। इज़राइल ने इसे “हमास के नियंत्रण केंद्र” पर हमला बताया, लेकिन हमास ने इसे “नरसंहार” कहा।
पृष्ठभूमि
इस पूरे सैन्य अभियान की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हुई थी, जब हमास द्वारा किए गए हमले में 1,200 से अधिक लोगों की जान गई और 250 से अधिक को बंधक बना लिया गया था। तब से गाज़ा में मारे गए लोगों की संख्या 52,000 के पार पहुंच चुकी है।
निष्कर्ष
गाज़ा एक भयावह मानवीय संकट से जूझ रहा है, और जब तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय निष्क्रिय रहेगा, निर्दोष लोगों की जानें जाती रहेंगी। भूख को एक हथियार बनाना न केवल अमानवीय है, बल्कि यह वैश्विक नैतिकता पर एक गहरा धब्बा भी है।
CHANNEL009 Connects India

