इस्लामाबाद। भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई सख्त कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में उच्च स्तरीय बैठकों का दौर शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में एक आपातकालीन बैठक बुलाई, जिसमें पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के नेता नवाज शरीफ और देश की सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में सुरक्षा हालात की समीक्षा:
सूत्रों के अनुसार, बैठक में मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों और भारत की कार्रवाई के बाद की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि राष्ट्रीय सुरक्षा समिति द्वारा लिए गए सभी निर्णयों को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा। उपस्थित सदस्यों ने एक सुर में कहा कि पाकिस्तान की जनता अपनी सशस्त्र सेनाओं के साथ मजबूती से खड़ी है।
शहबाज शरीफ का कड़ा संदेश:
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता या आत्मनिर्णय के अधिकार पर किसी भी तरह का हमला हुआ, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि देश की सशस्त्र सेनाएं हर परिस्थिति से निपटने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, “हमारी सेना के साहस और पेशेवर क्षमता पर हमें गर्व है। वे किसी भी आक्रामक मंशा को विफल करने में पूरी तरह सक्षम हैं।”
भारत की तरफ से सख्त बयान:
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि “हमारी सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत PoK और पाकिस्तान में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया है। यह हम सबके लिए गर्व की बात है। खास बात यह है कि ऑपरेशन को बिना नागरिकों को नुकसान पहुंचाए अंजाम दिया गया, जो हमारी सैन्य शक्ति और तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।”
विदेश मंत्री एस. जयशंकर की दो-टूक चेतावनी:
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अगर भविष्य में कोई उकसावे की कार्रवाई की गई, तो भारत उसका उचित और ठोस जवाब देगा।
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