ढाका/नई दिल्ली: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने देश की राजनीति में एक बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी ‘अवामी लीग’ पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस निर्णय को आतंकवाद विरोधी कानून के तहत लिया गया है और इसे बांग्लादेश की सत्ता में लंबे समय तक काबिज रही पार्टी के लिए एक गंभीर झटका माना जा रहा है।
🔹 सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया का हवाला
अंतरिम सरकार के प्रमुख नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मोहम्मद यूनुस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है। साथ ही, यह कदम अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) में चल रही कार्यवाही की निष्पक्षता और साक्ष्य-संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
🔹 राजपत्र अधिसूचना जल्द जारी होगी
यूनुस सरकार के आधिकारिक कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय की राजपत्र अधिसूचना अगली कार्य तिथि पर जारी की जाएगी। तब तक यह प्रतिबंध प्रभावी रूप से लागू रहेगा। बयान में कहा गया कि इस प्रतिबंध की समयसीमा अवामी लीग और उसके शीर्ष नेताओं के खिलाफ ICT में चल रही सुनवाई के निष्कर्ष तक लागू रहेगी।
🔹 कानून में हुआ महत्वपूर्ण संशोधन
सूत्रों के अनुसार, अंतरिम सरकार की उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसमें ICT कानून में भी संशोधन किया गया है। अब इस संशोधित कानून के तहत, किसी भी राजनीतिक दल और उससे जुड़े संगठनों पर सीधे मुकदमा चलाया जा सकता है, यदि उन पर गंभीर आरोप हैं।
🔹 जुलाई 2024 आंदोलन की प्रतिक्रिया
बताया जा रहा है कि यह निर्णय 2024 के जुलाई आंदोलन के दौरान मारे गए कार्यकर्ताओं और नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी लिया गया है। इसके अलावा, शिकायतकर्ताओं और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकार के इस कड़े कदम का हिस्सा है।
निष्कर्ष: बांग्लादेश की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक और असाधारण फैसला है, जिससे देश में सत्ता समीकरणों में बड़ा बदलाव आ सकता है। अब निगाहें अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण की सुनवाई और अवामी लीग की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
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