गाज़ा पट्टी से एक बड़ी कूटनीतिक सफलता की खबर सामने आई है। चरमपंथी संगठन हमास ने करीब 18 महीनों से बंदी बनाए गए अमेरिकी नागरिक एडन अलेक्जेंडर को रिहा कर दिया है। यह रिहाई सीधे अमेरिका और हमास के बीच हुई बातचीत का परिणाम है, जिसमें इज़राइल को पूरी तरह दरकिनार किया गया।
सीधे संपर्क से बनी बात
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और हमास के अधिकारियों के बीच कई दौर की गोपनीय बातचीत के बाद आखिरकार रिहाई संभव हो सकी। एडन अलेक्जेंडर, जिन्हें 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के दौरान बंधक बना लिया गया था, सोमवार को अपने परिवार से मिल सके।
गाजा से रिहाई, रेड क्रॉस की निगरानी
रिहाई के समय एडन काले रंग की एडिडास टी-शर्ट और बेसबॉल कैप में नजर आए। उन्हें खान यूनिस से रेड क्रॉस की निगरानी में इज़राइल की सीमा पर पहुंचाया गया, जहां मेडिकल जांच के बाद उन्हें उनके परिजनों से मिलवाया गया।
हमास का दावा: ‘शांति प्रक्रिया की दिशा में कदम’
हमास ने आधिकारिक बयान में कहा कि यह रिहाई सीजफायर और मानवीय सहायता प्रयासों को आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। संगठन ने कहा कि यह वार्ता उनकी उस नीति को दर्शाती है जिसमें वह संवाद और समाधान के लिए लचीलापन दिखा रहे हैं।
साथ ही, हमास ने इज़राइल को चेतावनी दी कि लगातार बमबारी बंदियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। संगठन का कहना है कि सार्थक वार्ता से बंदियों की सुरक्षित रिहाई और स्थायी संघर्ष विराम संभव है।
इज़राइल की प्रतिक्रिया और दोहा वार्ता
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पुष्टि की है कि उनका एक प्रतिनिधिमंडल दोहा के लिए रवाना हुआ है, जहां अमेरिकी मध्यस्थता में बातचीत को आगे बढ़ाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 18 मार्च को इज़राइल द्वारा पिछली सीजफायर डील तोड़ने के बाद गाजा पर हमले तेज हुए थे।
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