कीव/मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच संभावित संघर्षविराम की कोशिशों को तगड़ा झटका लगा है। हाल ही में रूस ने यूक्रेन पर 100 से अधिक आत्मघाती ड्रोन से हमला कर दिया, जिससे तुर्किये में प्रस्तावित शांति वार्ता की संभावना कमजोर पड़ती दिख रही है।
क्रेमलिन की चुप्पी और यूक्रेन की पहल
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को आमने-सामने की वार्ता के लिए खुला निमंत्रण दिया था, लेकिन क्रेमलिन की ओर से अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। दूसरी ओर, यूक्रेन की वायुसेना ने पुष्टि की कि रूस ने बीती रात एक साथ सैकड़ों ड्रोन भेजे, जिनमें से अधिकांश को मार गिराया गया, लेकिन कई शहरों को नुकसान पहुंचा।
हजारों नागरिकों की जान गई
तीन वर्षों से जारी इस युद्ध में अब तक 10,000 से अधिक यूक्रेनी नागरिकों की जान जा चुकी है और रूस ने यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने संघर्ष रोकने के कई प्रयास किए हैं, लेकिन हालिया हमलों ने इन कोशिशों को भी अस्थिर कर दिया है।
संघर्षविराम प्रस्ताव अस्वीकार
अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों द्वारा प्रस्तावित 30 दिन के बिना शर्त युद्धविराम को रूस ने खारिज कर दिया है। हालाँकि, क्रेमलिन ने यूक्रेन से सीधी बातचीत की संभावना को खुला रखा है, लेकिन वह किसी पूर्व निर्धारित शर्तों को मानने को तैयार नहीं है।
ट्रंप का बयान और राजनीतिक दबाव
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के प्रस्ताव को स्वीकार करने का समर्थन किया है। वहीं, जेलेंस्की ने पुतिन पर दबाव बढ़ाने के लिए नेताओं के बीच आमने-सामने बैठक की पेशकश की है। उल्लेखनीय है कि दोनों नेता केवल एक बार, 2019 में, आमने-सामने मिल चुके हैं। इसके बाद से जेलेंस्की ने कई बार सीधी वार्ता का आग्रह किया, लेकिन रूसी पक्ष की ओर से हर बार इनकार मिला।
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