लाहौर: भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सूचना मंत्री अजमा बुखारी ने कहा है कि भारत के खिलाफ जो सैन्य रणनीति बनाई गई, उसकी निगरानी खुद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने की थी।
‘नवाज शरीफ का काम बोलता है’ – अजमा बुखारी
अजमा बुखारी ने प्रेस को दिए बयान में कहा, “यह नवाज शरीफ ही हैं जिन्होंने पाकिस्तान को न केवल परमाणु ताकत बनाया बल्कि अब भारत के खिलाफ भी रणनीतिक योजना तैयार करवाई।” उन्होंने नवाज को “ए, बी, सी, डी टाइप का नेता नहीं” बताया, बल्कि एक ऐसा व्यक्ति बताया जिनका काम उनकी पहचान है।
उच्च स्तरीय बैठक में शरीक हुए नवाज
खबरों के मुताबिक, नवाज शरीफ 8 मई को प्रधानमंत्री कार्यालय में बुलाई गई एक अहम बैठक में भी शामिल हुए थे। यह बैठक भारत द्वारा पीओके और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई जवाबी कार्रवाई के बाद बुलाई गई थी। दिलचस्प बात यह है कि नवाज के पास कोई सरकारी पद नहीं है, फिर भी उन्होंने सत्तारूढ़ दल के प्रमुख के रूप में बैठक में भाग लिया।
‘आक्रामकता के बजाय कूटनीति’ की वकालत
‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, नवाज शरीफ ने इस बैठक में आक्रामक रुख के बजाय कूटनीतिक उपायों को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उनका कहना था कि भारत के साथ शांति बहाली के लिए सभी राजनयिक विकल्पों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
इतिहास की पुनरावृत्ति?
गौरतलब है कि 1999 के करगिल युद्ध के समय भी नवाज शरीफ ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे। मौजूदा घटनाओं को लेकर नवाज ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “पाकिस्तान एक शांतिप्रिय राष्ट्र है, लेकिन उसे अपनी सुरक्षा करना भी आता है।” उन्होंने शहबाज शरीफ, जनरल असीम मुनीर, एयर चीफ जहीर अहमद बाबर और सशस्त्र बलों को बधाई दी।
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