सिंगापुर: सिंगापुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां भारतीय मूल की एक 70 वर्षीय महिला को सिर्फ इसलिए सजा दी गई क्योंकि उन्होंने खुले में कबूतरों को दाना डाला। भारतीय संस्कृति में जहां पशु-पक्षियों को भोजन कराना पुण्य का कार्य माना जाता है, वहीं सिंगापुर में यह कानून का उल्लंघन है।
सनमुगमनाथन शामला, जो भारतीय मूल की निवासी हैं, अपने अपार्टमेंट के पास रोजाना कबूतरों को दाना देती थीं। लेकिन यह आदत उन्हें भारी पड़ गई। सिंगापुर की अदालत ने उन्हें वन्यजीव कानून के उल्लंघन का दोषी ठहराते हुए 1,200 सिंगापुरी डॉलर (लगभग 930 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना लगाया।
11 मामलों में कार्रवाई, दो में स्वीकार किया दोष
‘चैनल न्यूज एशिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, शामला पर कुल 11 आरोप लगाए गए थे, जिनमें से दो आरोपों को उन्होंने कोर्ट में स्वीकार किया। इनमें से एक आरोप यह था कि उन्होंने अधिकारियों की चेतावनी के बावजूद बार-बार कबूतरों को खाना खिलाना जारी रखा।
11 अप्रैल 2023 को जब नेशनल पार्क्स बोर्ड (NParks) के अधिकारी तोआ पायोह इलाके में गश्त कर रहे थे, तब उन्होंने शामला को खुले में पक्षियों को दाना डालते हुए देखा। अधिकारियों ने उन्हें ऐसा न करने की चेतावनी भी दी, लेकिन उन्होंने इस चेतावनी को नजरअंदाज किया और नवंबर 2024 तक यह काम करती रहीं।
जेल की चेतावनी के बाद भरा जुर्माना
फरवरी 2025 में उन्होंने कथित तौर पर कबूतर पकड़ने आए अधिकारियों के काम में भी बाधा पहुंचाई थी। अदालत में जब न्यायाधीश ने बताया कि अगर जुर्माना नहीं चुकाया गया, तो दो दिन की जेल की सजा भुगतनी पड़ेगी, तो उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जेल जाने में असमर्थता जताई। अंततः उन्होंने बुधवार को पूरा जुर्माना अदा कर दिया।
सख्त कानून: बिना अनुमति के पक्षियों को खाना खिलाना अपराध
सिंगापुर में वन्यजीव अधिनियम के तहत किसी भी जानवर या पक्षी को एनपार्क्स की लिखित अनुमति के बिना खाना खिलाना अवैध है। यह कानून पर्यावरण संतुलन और सफाई व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बनाया गया है।
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