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Operation Sindoor: भारत के एयरस्ट्राइक का पाकिस्तान डोज़ियर में खुलासा – 20 नहीं, 28 ठिकानों पर हमला!

नई दिल्ली – पाकिस्तान द्वारा तैयार किए गए एक गोपनीय डोज़ियर ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने अपेक्षा से कहीं अधिक तबाही मचाई थी। डोज़ियर में दावा किया गया है कि भारत ने पाकिस्तान में 20 नहीं, बल्कि 28 सैन्य और आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।

इस खुलासे से यह स्पष्ट होता है कि भारत की जवाबी कार्रवाई पाकिस्तान की सार्वजनिक स्वीकारोक्ति से भी आगे गई थी, और कई हमलों का विवरण भारत द्वारा आधिकारिक रूप से साझा नहीं किया गया था।


किन इलाकों को बनाया गया था निशाना?

पाकिस्तान के ‘ऑपरेशन बुनियान उन मर्सूस’ से संबंधित दस्तावेज़ में ऐसे 8 अतिरिक्त लोकेशन का जिक्र किया गया है, जिन्हें अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया था। इन नए स्थानों में शामिल हैं:

  • पेशावर

  • झंग

  • हैदराबाद (सिंध)

  • गुजरात (पंजाब)

  • गुजरांवाला

  • बहावलनगर

  • अटक

  • छोर

इनके अलावा पहले से ज्ञात ठिकानों में बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और मुरिदके में लश्कर-ए-तैयबा का प्रशिक्षण शिविर शामिल हैं।


ऑपरेशन सिंदूर क्यों शुरू हुआ?

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इसका आरोप पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों पर लगा। इसके बाद भारत ने PoK और पाकिस्तान के भीतर आतंकी अड्डों पर सटीक हमले किए।

जब पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई का प्रयास किया, तो भारत ने सीमा पार जाकर पाकिस्तान के 11 एयरबेस को भी निशाना बनाया — जिनमें नूर खान, सरगोधा, जैकबाबाद और सुक्कुर जैसे प्रमुख ठिकाने शामिल थे।


उपग्रह चित्रों से भी हुई पुष्टि

मक्सार टेक्नोलॉजीज द्वारा जारी की गई सैटेलाइट इमेजेज ने इस बात की पुष्टि की थी कि भारत के हमले केवल प्रतीकात्मक नहीं थे, बल्कि उनमें भारी भौतिक क्षति भी हुई थी। इन हमलों में:

  • मुज़फ़्फराबाद

  • कोटली

  • रावलकोट

  • चकस्वारी

  • नीलम वैली

  • झेलम

  • चकवाल

जैसे संवेदनशील क्षेत्र शामिल थे।


ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ नया सन्देश

इस अभियान ने भारत की रणनीति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है — अब आतंक के खिलाफ हर हमला युद्ध के जवाब की श्रेणी में गिना जाएगा। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा और नागरिकों की जान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।


पाकिस्तान की चुप्पी और युद्धविराम की मांग

डोज़ियर में जो नुकसान गिनाए गए हैं, वे यह दर्शाते हैं कि पाकिस्तान ने तीन दिन में ही सीज़फायर की मांग क्यों की। उसकी सेना और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इस तथ्य से यह भी साफ हो गया है कि पाकिस्तान द्वारा “भारत को भारी नुकसान” पहुंचाने के दावों में कितनी सच्चाई थी।


निष्कर्ष

ऑपरेशन सिंदूर भारत की कूटनीतिक और सामरिक क्षमताओं का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। जहां एक ओर सैन्य शक्ति का प्रदर्शन हुआ, वहीं दूसरी ओर यह अभियान भारत की आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट नीति का प्रतीक बन गया है।

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