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रणथंभौर में बढ़ रहा बाघों का खतरा: मंदिर और किला बन रहे संघर्ष का केंद्र

रणथंभौर का किला और त्रिनेत्र गणेश मंदिर एक समय बाघों के लिए शांत इलाका माना जाता था, लेकिन अब यह इलाका बाघों और इंसानों के बीच टकराव का केंद्र बनता जा रहा है। पिछले दो महीनों में बाघों के हमले में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

कहावत आज भी सच साबित हो रही है

राजस्थान की पुरानी कहावत “रणथंभौर रह्यो तो राज रह्यो” आज के समय में भी सच लगती है, बस अब खतरा मुगलों या राजाओं से नहीं बल्कि बाघों से है।

जीर्णोद्धार के बाद बढ़े हमले

मंदिर के आसपास कुछ महीने पहले जीर्णोद्धार के नाम पर तोड़फोड़ की गई। लोगों का मानना है कि इससे धार्मिक और पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ा, जिससे बाघों का व्यवहार भी बदल गया और हमले बढ़ने लगे।

पर्यावरण पर असर

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 352 धार्मिक स्थल हैं, जहां हर साल 22 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। इससे ध्वनि प्रदूषण, प्लास्टिक का कचरा और इंसानी हलचल काफी बढ़ गई है, जो बाघों को परेशान कर रही है।

बाघों में बढ़ रहा आपसी संघर्ष

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 80 से ज्यादा बाघ हैं, जबकि यहां की क्षमता केवल 55 बाघों की है। इनमें 50 से ज्यादा युवा बाघ हैं जो अपनी जगह (टेरेटरी) बनाने के लिए लड़ रहे हैं। खासकर जोन 1 से 5 के बीच कई बार बाघों की घुसपैठ हो चुकी है।

बाघ कैसे बनाता है टेरेटरी

विशेषज्ञों के अनुसार बाघ जब 2-3 साल का हो जाता है तो अपनी अलग जगह बनाने की कोशिश करता है। वह अपनी गंध, मल और मूत्र से क्षेत्र तय करता है ताकि दूसरे बाघ वहां न आएं।

समाधान: बाघों का स्थानांतरण

अब तक रणथंभौर से कई बाघों को मध्य प्रदेश, भीलवाड़ा और मुकुंदरा भेजा जा चुका है। विशेषज्ञ मानते हैं कि और बाघों को भी दूसरी जगह भेजना ही एकमात्र उपाय है। कोर क्षेत्र के 23 गांवों में से केवल 5 गांव ही हटाए जा सके हैं, जबकि कैलादेवी में 66 गांव अब भी विस्थापन की प्रतीक्षा में हैं।

सरकार का कदम

केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि इंसानों और बाघों के बीच टकराव को रोकने के लिए नई गाइडलाइन और एसओपी बनाई गई है। जहां बाघ रहते हैं वहां का खास प्रबंधन किया जाएगा ताकि वे बाहर न निकलें। मंदिर परिसर की निगरानी और श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की हिदायत भी दी गई है।

निष्कर्ष: रणथंभौर में इंसान और बाघों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए सभी को मिलकर समाधान निकालना होगा, जिससे दोनों का अस्तित्व सुरक्षित रह सके

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