Related Articles
, राजस्थान:
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अलवर जिले के एलआईईटी कॉलेज में बुधवार को 10 दिवसीय समर कैंप (बालिका) की शुरुआत की। यह कार्यक्रम सांसद खेल उत्सव के तहत आयोजित किया गया।
‘सास-बहू’ का पीछा नहीं छूटेगा
स्मृति ईरानी ने हँसी-हँसी में कहा,
“चाहे मैं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को हरा दूं, सांसद बन जाऊं या मंत्री बन जाऊं, लेकिन ‘सास-बहू’ मेरा पीछा नहीं छोड़ेगी।”
यह बात उन्होंने अपने मशहूर टीवी सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के बारे में कही, जिसमें वे तुलसी बहू के रोल में थीं।
खिलाड़ी को कप्तान तय करता है
राजनीति को खेल से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि खिलाड़ी सिर्फ मैदान और कीर्तिमान देखता है, लेकिन कौन से नंबर पर खेलना है ये कप्तान तय करता है। उन्होंने अलवर को खेलों का केंद्र बनाने पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की तारीफ की।
खिलाड़ियों से की बातचीत
स्मृति ईरानी ने समर कैम्प में भाग लेने वाली 300 बालिका खिलाड़ियों से बात की और उनके अनुभव जाने।
-
सानवी के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए।
-
कोमल सैनी को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर हम ईमानदारी से मेहनत करें तो सफलता जरूर मिलेगी।
उन्होंने सभी खिलाड़ियों को अनुशासन और निरंतर मेहनत करने की सलाह दी और खेल और पढ़ाई के संतुलन पर जोर दिया।
भूपेंद्र यादव ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि सांसद खेल उत्सव में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को देश के श्रेष्ठ कोचों से प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है।
-
18 जून को मशहूर एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज आकर खिलाड़ियों को खेल के टिप्स देंगी और मोटिवेट करेंगी।
-
सभी खिलाड़ियों का ‘माई भारत पोर्टल’ पर रजिस्ट्रेशन करवाया जा रहा है ताकि वे युवा मामलों के मंत्रालय की गतिविधियों से जुड़ सकें।
-
प्राकृतिक वातावरण से जोड़ने के लिए नेचर वॉक और खेलों पर बनी उत्कृष्ट फिल्में भी दिखाई जाएंगी।
उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि अगर वे आलस्य छोड़ दें, गलत इच्छाओं का त्याग करें और अभिमान से दूर रहें, तो कोई भी ताकत उन्हें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।
CHANNEL009 Connects India
