Related Articles
उदयपुर:
धोली मगरी निवासी वरदीचंद मेनारिया का व्यवहार बहुत मिलनसार था। वे सभी पड़ोसियों से घुल-मिलकर रहते थे। बुधवार शाम को उन्होंने पास के लोगों से कहा था – “10-12 दिन में वापस आऊंगा”, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी।
हादसे से पहले का दिन
वरदीचंद लंदन में कुक के रूप में काम करते थे और हाल ही में छोटे बेटे डॉ. दिनेश के बेटे के जन्म की खुशी में भारत आए थे। वे अपने नवजात पोते को देखकर बहुत खुश थे। गुरुवार सुबह 4 बजे वह फिर से लंदन लौटने के लिए रवाना हुए। उनके साथ उनकी पत्नी लीला और बेटा दीपक उन्हें छोड़ने अहमदाबाद तक गए थे।
दुखद समाचार से गांव में मातम
वरदीचंद का मूल गांव रूंडेड़ा है, जहां उनके माता-पिता और दो छोटे भाई रहते हैं। हादसे की सूचना गांव तक पहुंची तो पूरा गांव शोक में डूब गया, लेकिन बुजुर्ग माता-पिता को खबर नहीं दी गई, ताकि वे आहत न हों। एसडीएम सुरेन्द्र बी. पाटीदार और तहसीलदार नरेंद्र चौहान मौके पर पहुंचे।
लंदन में कुक थे प्रकाश मेनारिया भी
इस हादसे में रोहिड़ा गांव के रहने वाले प्रकाश मेनारिया भी शामिल थे। वे भी लंदन में कुक का काम करते थे। हाल ही में उनके पिता नारायण लाल का निधन हुआ था, जिससे उबर भी नहीं पाए थे कि अब यह हादसा हो गया। कुछ दिन पहले ही वह लंदन की फ्लाइट लेने अहमदाबाद गए थे, लेकिन अंत समय में उनका मन बदल गया और वापस लौट आए।
परिवारों में गम का माहौल
वरदीचंद और प्रकाश दोनों ही व्यवहारिक और मेहनती व्यक्ति थे। उनके आकस्मिक निधन से दोनों गांवों में गहरा शोक है। लोग अब भी यकीन नहीं कर पा रहे कि जो कुछ दिन पहले साथ थे, वे अब नहीं रहे।
CHANNEL009 Connects India
