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लखनऊ, जून 2025
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की मदद के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ी पहल की है। प्रदेश में अभिजनक बीज नर्सरी (ब्रीडर सीड नर्सरी) की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।
पहले से ज्यादा बीज नर्सरियां
जहां 2016-17 में केवल 150 नर्सरियां थीं, वहीं 2024-25 में इनकी संख्या बढ़कर 267 हो गई है। यह बढ़ोतरी राज्य की चीनी मिलों के बेहतर इस्तेमाल से संभव हुई है।
यूपी बना गन्ना बीज उत्पादन में नंबर-1
प्रदेश सरकार ने इस साल 4.4 करोड़ सिंगल बड बीज किसानों को बांटे हैं। यह संख्या देश के किसी भी राज्य या शोध संस्था से ज्यादा है। इससे उत्तर प्रदेश को गन्ना बीज उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बना दिया गया है।
बीज की गुणवत्ता का पूरा ध्यान
सरकार ने त्रिस्तरीय बीज उत्पादन कार्यक्रम लागू किया है, जिसके तहत बीजों की वैज्ञानिक टीम द्वारा जांच और प्रमाणन किया जाता है। इससे किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज मिल रहे हैं।
कब-कब होता है बीज का निरीक्षण?
बीज की उत्पादकता और गुणवत्ता जांचने के लिए एक तय शेड्यूल है:
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बुवाई के समय
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अंकुरण के 45-60 दिन बाद
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100-120 दिन पर टिल्लरिंग अवस्था में
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180-200 दिन पर जब गन्ना मिल के लायक होता है
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कटाई से 15-20 दिन पहले
किसानों को मिल रहा फायदा
इस वैज्ञानिक और नियमित प्रक्रिया से किसानों को सही समय पर, बेहतर क्वालिटी के बीज मिल रहे हैं। इससे गन्ना उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और किसानों की आमदनी भी सुधर रही है।
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