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राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों ने इस बार फिर गेहूं उत्पादन में नया रिकॉर्ड बनाया है। इन दोनों जिलों को ‘राजस्थान का अन्न कटोरा’ कहा जाता है और इस बार भी इन्होंने अपने नाम को सही साबित किया है।
श्रीगंगानगर मंडल से सबसे ज्यादा खरीद
इस बार राज्य सरकार द्वारा एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर जो गेहूं खरीदा गया है, उसमें से दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा सिर्फ श्रीगंगानगर मंडल से आया है। पूरे देश में भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा की गई गेहूं खरीद में इस मंडल का 7% से अधिक योगदान है।
अब तक कितनी हुई खरीद
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राज्यभर में: 1,65,488 किसानों से 20.60 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।
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श्रीगंगानगर मंडल से: 81,094 किसानों से 13.24 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।
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पिछले साल: इसी मंडल से 10.60 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था।
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गेहूं की खरीद 30 जून तक जारी रहेगी।
देशभर में एफसीआई द्वारा खरीद
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FCI ने अब तक पूरे देश में 23.86 लाख किसानों से 3 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है।
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किसानों को 70,073 करोड़ रुपये का ऑनलाइन भुगतान भी हो चुका है।
पंजीकरण की आखिरी तारीख
एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए किसान 25 जून तक ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
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गेहूं का समर्थन मूल्य: ₹2400 प्रति क्विंटल
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राज्य सरकार का बोनस: ₹175 प्रति क्विंटल
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कुल भुगतान: ₹2575 प्रति क्विंटल
किसानों को मिला बड़ा भुगतान
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राज्य स्तर पर: ₹5,030 करोड़ का भुगतान
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श्रीगंगानगर मंडल में: ₹3,208 करोड़ का भुगतान
अन्य जिलों में खरीद (मीट्रिक टन में)
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अजमेर: 48,207
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अलवर: 95,084
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उदयपुर: 44,354
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कोटा: 4,94,698
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बीकानेर: 22,884
श्रीगंगानगर मंडल में गेहूं खरीद का आंकड़ा
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2022-23: 10,163 मीट्रिक टन
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2023-24: 4,02,782 मीट्रिक टन
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2024-25: 10,60,783 मीट्रिक टन
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2025-26: 13,25,000 मीट्रिक टन (अब तक)
निष्कर्ष:
राजस्थान के किसानों खासकर श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के किसानों के लिए यह सीजन बेहद फायदेमंद रहा है। रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन और समय पर भुगतान से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं।
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