CHNV पैरोल स्कीम को लेकर लिया गया कड़ा फैसला, वर्क परमिट भी रद्द
न्यूयॉर्क, जून 2025 — अमेरिका में अप्रवासन से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई के तहत, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने चार देशों — क्यूबा, हैती, निकारागुआ और वेनेजुएला — से आए लगभग 500,000 अप्रवासियों को अमेरिका छोड़ने का आदेश जारी किया है।
इन अप्रवासियों को CHNV (Cuba, Haiti, Nicaragua, Venezuela) पैरोल प्रोग्राम के तहत अमेरिका में अस्थायी रूप से प्रवेश दिया गया था, लेकिन अब उन्हें होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) द्वारा देश छोड़ने का नोटिस दिया जा रहा है। इसके साथ ही, उनके रोज़गार प्राधिकरण (Work Permits) को भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट से मिली मंजूरी, ट्रंप नीति को कानूनी समर्थन
यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद उठाया गया है, जिसमें DHS को इस कार्यक्रम को समाप्त करने और पैरोल लाभ वापस लेने की अनुमति दी गई थी।
हालांकि, CHNV प्रक्रिया को चुनौती देने वाली कानूनी याचिकाएं अभी अदालत में लंबित हैं, लेकिन प्रशासन ने आंशिक कानूनी हरी झंडी मिलने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है।
बाइडेन सरकार में शुरू हुआ था CHNV प्रोग्राम
इस कार्यक्रम की शुरुआत 2023 में जो बाइडेन प्रशासन ने की थी, जिसका उद्देश्य अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर अवैध प्रवासन को नियंत्रित करना और चारों देशों में जारी मानवीय संकटों का समाधान देना था।
प्रत्येक महीने केवल 30,000 स्लॉट के लिए आवेदन स्वीकार किए जाते थे, लेकिन मांग कहीं अधिक रही। कई अमेरिकी कंपनियों ने इन अप्रवासियों को निर्माण, स्वास्थ्य सेवा और कृषि क्षेत्र में नियुक्त किया था।
अप्रवासी श्रमिकों पर सवाल, ‘अमेरिका फर्स्ट’ की वापसी की तैयारी
DHS की सहायक सचिव ट्रिसिया मैकलॉघलिन के मुताबिक, बाइडेन सरकार द्वारा पैरोल के तहत आए लोगों की जांच प्रक्रिया अधूरी थी और उन्होंने अमेरिकी श्रमिकों को प्रतिस्थापित किया। उन्होंने कहा:
“CHNV जैसे पैरोल कार्यक्रमों को समाप्त करना न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा बल्कि ‘America First’ नीति की पुनर्बहाली के लिए भी जरूरी है।”
वर्क परमिट रद्द, श्रम बाजार पर असर की आशंका
CHNV कार्यक्रम के तहत काम करने वाले अप्रवासी अब वर्क परमिट गंवा चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निर्माण और हेल्थकेयर जैसे उद्योगों में श्रमिकों की भारी कमी हो सकती है, जिससे अमेरिका की आंतरिक अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ने की आशंका है।
📌 निष्कर्ष: राजनीतिक और मानवीय दोनों मोर्चों पर बढ़ेगी हलचल
ट्रंप प्रशासन के इस कदम से अमेरिका की आव्रजन नीति में एक स्पष्ट बदलाव दिखता है, जहां सुरक्षा और आर्थिक प्राथमिकताओं को आधार बनाकर मानवीय कार्यक्रमों पर पुनर्विचार किया जा रहा है।
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