भारतीय क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्केल ने इंग्लैंड दौरे से पहले अपनी चिंताओं का इज़हार किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम को लाल गेंद से खेलने का सीमित अनुभव होने के कारण वह थोड़े नर्वस थे। भारत ने अपना पिछला टेस्ट मैच जनवरी में खेला था, और इस दौरान कई युवा खिलाड़ी जैसे यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन इंग्लैंड की परिस्थितियों में पहली बार टेस्ट क्रिकेट खेलेंगे।
मॉर्केल ने कहा, “हमारे पास विविधतापूर्ण आक्रमण है, लेकिन इंग्लैंड की परिस्थितियों में निरंतरता महत्वपूर्ण होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को बुनियादी बातों पर ध्यान केंद्रित करना होगा, खासकर जब वे नई परिस्थितियों में खेल रहे हों।
मॉर्केल ने युवा गेंदबाजों की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ी इंग्लैंड की परिस्थितियों में अपनी पहचान बना सकते हैं। उनका मानना है कि इन खिलाड़ियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है।
भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 20 जून से शुरू हो रही है। टीम इंडिया इस चुनौतीपूर्ण दौरे के लिए तैयार है, और मॉर्केल के मार्गदर्शन में गेंदबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
CHANNEL009 Connects India
