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जयपुर।
राजस्थान के लगभग 1.25 लाख सरकारी शिक्षक अपने तबादलों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। स्कूलों में 1 जुलाई से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी और अब जून के सिर्फ 16 दिन शेष हैं।
शिक्षकों को उम्मीद थी कि ग्रीष्मावकाश में ही तबादले होंगे क्योंकि सरकार की ओर से यह वादा किया गया था। 16 मई से गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही तबादले करवाने के इच्छुक शिक्षक फॉर्म भरने और प्रयासों में जुट गए, लेकिन अब तक कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
शिक्षा मंत्री का वादा, लेकिन आदेश का इंतजार
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पहले कहा था कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों को छोड़कर बाकी सभी वर्गों के तबादले गर्मी की छुट्टियों में किए जाएंगे। इसके बाद शिक्षकों को उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट सूचना नहीं आई है।
बीजेपी के विधायकों ने शिक्षकों से तबादलों के लिए आवेदन जरूर मांगे हैं और शिक्षा मंत्री ने संकेत दिया है कि जल्द तबादलों पर लगी रोक हट सकती है।
सत्र के बीच तबादलों से होती है परेशानी
शिक्षकों का मानना है कि अगर सत्र के बीच में तबादले होते हैं, तो इससे पढ़ाई पर असर पड़ता है क्योंकि कई स्कूलों में शिक्षक पद खाली हो जाते हैं। इसलिए गर्मी की छुट्टियों में ही तबादले होना जरूरी है।
कितने शिक्षकों को इंतजार?
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वरिष्ठ अध्यापक: 67,349
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व्याख्याता: 45,763
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प्रधानाचार्य: 10,000+
इनमें से बहुत सारे शिक्षक तबादला करवाना चाहते हैं।
संगठन क्या कह रहे हैं?
छगनसिंह लूणू, अध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम (प्राथमिक) का कहना है:
“सरकार ने तबादलों का वादा किया था, अब गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं, सरकार वादा निभाए और जल्द आदेश निकाले।”
बसन्त कुमार जाणी, प्रवक्ता, वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा का कहना है:
“शिक्षा विभाग को अन्य विभागों की तरह तबादले शुरू करने चाहिए। स्कूल खुलने से पहले इच्छुक शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेकर तबादले करें।”
निष्कर्ष
अब समय कम बचा है। अगर जल्द फैसला नहीं हुआ तो लाखों शिक्षक बिना तबादले के ही नए सत्र में काम पर लौट जाएंगे। शिक्षकों को उम्मीद है कि सरकार अपने वादे पर अमल करेगी।
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