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प्रतापगढ़ (राजस्थान):
राजस्थान रोडवेज ने अपनी बसों की हालत सुधारने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए “मेरी बस, मेरी जिम्मेदारी” नाम से एक नया अभियान शुरू किया है। इस योजना की शुरुआत प्रतापगढ़ डिपो से भी हो गई है।
क्या है यह अभियान?
इस अभियान के तहत हर बस की जिम्मेदारी सीधे उस पर काम करने वाले कर्मचारियों को सौंपी जाएगी। इसका मकसद यह है कि बसों की स्थिति सुधरे, यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिले और रोडवेज की आय भी बढ़े।
क्या-क्या किया जाएगा?
🔧 बसों की नियमित जांच:
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बसों का भौतिक और तकनीकी निरीक्षण होगा।
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बॉडी, सीटें, टायर, हेडलाइट, इलेक्ट्रिक सिस्टम, डीजल खपत, साफ-सफाई, विंडो लॉक, फर्स्ट एड बॉक्स आदि की जांच होगी।
👥 प्रभारी और पर्यवेक्षक नियुक्त:
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हर बस के लिए एक प्रभारी और पर्यवेक्षक होंगे।
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एक पर्यवेक्षक की निगरानी में तीन बसों के प्रभारी काम करेंगे।
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सभी जानकारी (बस नंबर, चालक का नाम, टायर व सीटों की स्थिति, फायर सिस्टम आदि) डिजिटल फॉर्मेट में रखी जाएगी।
📞 नाम और नंबर बस पर लिखना अनिवार्य:
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हर बस पर प्रभारी का नाम और मोबाइल नंबर लिखा जाएगा, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके।
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अगर कोई बस किसी और डिपो में भेजी जाती है, तो वहां नए प्रभारी और पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
🧑🔧 अनुशासनात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान:
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अगर किसी बस में कमी पाई गई, तो उस पर जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों को होगा फायदा:
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यात्रियों को आपात स्थिति में प्रभारी से सीधा संपर्क करने का मौका मिलेगा।
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बसों की हालत सुधरेगी और सफर अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनेगा।
काम शुरू हो चुका है:
रोडवेज मुख्यालय से सभी डिपो को निर्देश दिए गए हैं। अगले 15 दिनों में 50% बसों का काम पूरा करने का लक्ष्य है। प्रतापगढ़ के मुख्य प्रबंधक गजेन्द्र पारासर ने बताया कि काम तेजी से शुरू कर दिया गया है।
निष्कर्ष:
“मेरी बस, मेरी जिम्मेदारी” अभियान से न केवल रोडवेज की बसों की देखभाल बेहतर होगी, बल्कि यात्रियों को भी एक बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा। यह योजना राजस्थान रोडवेज के सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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