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संभल (उत्तर प्रदेश):
सपा सांसद जिया उर्रहमान बर्क को बिजली चोरी के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से आंशिक राहत मिली है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि वे 6 लाख रुपये जमा करें, जिसके बाद उनका बिजली कनेक्शन फिर से जोड़ दिया जाए। वहीं, 1.91 करोड़ रुपये के जुर्माने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
कोर्ट का आदेश – 6 लाख जमा कराएं, कनेक्शन बहाल करें
सांसद के वकीलों – मोहम्मद कासिम जमाल, मोहम्मद नईम और फरीद अहमद ने विद्युत विभाग में 6 लाख रुपये का ड्राफ्ट जमा किया और कनेक्शन फिर से जोड़ने की मांग की। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 2 जुलाई तय की है।
जुर्माने पर अस्थायी रोक
कोर्ट ने कहा है कि जुर्माने की वसूली फिलहाल न की जाए और पावर कॉर्पोरेशन अपने जरूरी दस्तावेज अगली सुनवाई में पेश करे।
12 साल पुराना बिल नियमों के खिलाफ – वकील का दावा
सांसद के वकील विधान चंद्र राय ने दलील दी कि विद्युत विभाग ने 12 साल यानी करीब 4,138 दिन पुराना बिजली का बिल तैयार किया है, जबकि नियमों के अनुसार विभाग सिर्फ 365 दिन तक का ही असेसमेंट कर सकता है। इसलिए ये कार्रवाई गैरकानूनी है।
बिजली चोरी का आरोप – मीटर से छेड़छाड़ की पुष्टि
19 दिसंबर 2024 को सुबह विद्युत विभाग की टीम ने सपा सांसद के दीपा सराय स्थित आवास पर छापा मारा। जांच में पता चला कि परिसर में 16 किलोवॉट बिजली का उपयोग हो रहा था, जबकि नाम पर केवल 2-2 किलोवॉट के दो कनेक्शन थे। मीटर से छेड़छाड़ भी पाई गई और एफआईआर दर्ज कर दी गई।
सांसद के पिता बोले – यह राजनीतिक साजिश है
सांसद के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है। उन्होंने कहा कि घर में 10 किलोवॉट का सोलर सिस्टम लगा है, इसलिए बिजली की खपत कम दिख रही थी।
निष्कर्ष:
फिलहाल हाईकोर्ट ने सांसद को राहत दी है, लेकिन मामले की पूरी सुनवाई 2 जुलाई को होगी। तब तक जुर्माने की वसूली नहीं की जाएगी और कनेक्शन 6 लाख जमा करने के बाद बहाल किया जाएगा।
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