तेहरान/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में ईरान और इज़रायल के बीच चल रहा सशस्त्र संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है, जिससे हजारों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा है। खासकर ईरान में फंसे 10,000 से ज्यादा भारतीयों की वतन वापसी अब एक बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य बन गया है क्योंकि ईरान और उसके आस-पास के देशों ने हवाई यातायात अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
हवाई रूट पूरी तरह ठप, विकल्प तलाश रही है भारत सरकार
ईरानी वायु क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए तेहरान समेत कई प्रमुख एयरपोर्ट पर उड़ानें रोक दी गई हैं। इज़रायली वायुसेना द्वारा की गई ताजा बमबारी में तेहरान एयरपोर्ट पर F14 लड़ाकू विमान गिराए जाने की खबर भी सामने आई है। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।
भारत सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए एक वैकल्पिक बचाव योजना पर काम शुरू कर दिया है, जिसके तहत सड़क मार्ग से पड़ोसी देशों जैसे आर्मेनिया, अज़रबैजान, तुर्कमेनिस्तान और अफगानिस्तान के रास्ते भारतीयों को निकाला जा रहा है।
100 भारतीयों का पहला जत्था आर्मेनिया पहुंचा
सोमवार को देर रात, राहत अभियान के पहले चरण में 100 भारतीय नागरिकों को सड़क मार्ग से सुरक्षित रूप से आर्मेनिया भेजा गया। यह कदम भारत और ईरान के बीच गहन राजनयिक प्रयासों के बाद संभव हुआ।
दूतावास की सलाह: तुरंत संपर्क करें
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 15 जून को एक नई एडवाइजरी जारी कर सभी नागरिकों से अपील की है कि वे दूतावास से संपर्क बनाए रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें। संपर्क नंबर:
📞 +98 901 014 4557
📞 +98 912 810 9115
📞 +98 912 810 9109
दूतावास ने उन नागरिकों से भी आग्रह किया है जो अपने संसाधनों से तेहरान से बाहर निकल सकते हैं, कि वे जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं।
आतंक के बीच एक अफगान व्यापारी की कहानी
ईरान में फंसे एक 55 वर्षीय अफगान व्यापारी ऐमल हुसैन ने बताया कि उनके होटल के पास बमबारी हुई, और अब वे एक बेसमेंट में छुपकर दिन गुज़ार रहे हैं। उन्होंने कहा,
“न फ्लाइट है, न टैक्सी मिल रही है। हर तरफ डर का माहौल है। हमें नहीं पता कब सुरक्षित बाहर निकल पाएंगे।”
भारत सरकार की कोशिशें जारी
भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और ईरानी प्रशासन के साथ समन्वय में एक सुव्यवस्थित निकासी योजना पर काम कर रहे हैं। जल्द ही अन्य जत्थों को भी सड़क मार्ग से सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी है।
सवाल बरकरार: क्या हालात और बिगड़ेंगे?
जब तक ईरान और इज़रायल के बीच युद्धविराम नहीं होता, क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीद करना मुश्किल है। लेकिन भारत सरकार ने यह साफ कर दिया है कि प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है, और किसी भी परिस्थिति में अपने नागरिकों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
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