लीड्स में पहले टेस्ट से पहले इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने कहा, “खिलाड़ियों को अपने अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत तो कहीं न कहीं करनी ही पड़ती है। हमारे पास प्रतिभा की एक जबरदस्त फसल है।”
ब्रेंडन मैकुलम (कोच) और बेन स्टोक्स (कप्तान) की ‘बाज़बॉल’ रणनीति के तहत इंग्लैंड की टीम के लिए 2025-26 का सीजन बेहद अहम होगा। भारत के खिलाफ लीड्स में शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज और ऑस्ट्रेलिया में होने वाले ऐशेज मुकाबले इस जोड़ी के लिए बड़े चैलेंज हैं।
हालांकि, इंग्लैंड का गेंदबाजी विभाग इस बार अनुभव में काफी कमजोर नजर आता है। जेम्स एंडरसन ने संन्यास ले लिया है और जोफ्रा आर्चर चोटिल हैं। इसके अलावा, क्रिस वोक्स और स्टोक्स को छोड़कर बाकी गेंदबाजों का कुल अनुभव मात्र 26 टेस्ट मैचों का है, जिसमें स्पिनर शोएब बशीर के 16 मैच भी शामिल हैं।
बेन स्टोक्स ने कहा, “यह कोई बड़ी समस्या नहीं है। खिलाड़ियों को तो कहीं न कहीं शुरुआत करनी होती है। हमारे पास प्रतिभा की भरमार है। अनुभव जरूरी है, लेकिन सबसे जरूरी आपकी क्षमता और कौशल होता है।”
स्टोक्स ने आगे कहा, “यह पांच मैचों की सीरीज है, इसलिए टीम में समय के साथ बदलाव होगा। हम अपनी गेंदबाजी से खुश हैं और हम चाहते हैं कि हर गेंदबाज की अपनी अलग पहचान हो।”
इंग्लैंड के कप्तान ने भारत के बल्लेबाजी विभाग की ताकत की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “भारत के बल्लेबाजों की गहराई बहुत मजबूत है। विराट कोहली और रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी जरूर महसूस होगी, लेकिन जो भी उनकी जगह आएगा, वह क्वालिटी प्लेयर होगा।”
जब उनसे भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को लेकर सवाल पूछा गया, तो स्टोक्स ने कहा, “हमें उनकी काबिलियत पता है, लेकिन हम डर के मारे नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आपको हमेशा क्वालिटी विपक्ष का सामना करना पड़ता है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा, “कोई एक खिलाड़ी अकेले मैच या सीरीज नहीं जीत सकता। टीम के सभी 11 खिलाड़ी खड़े होकर प्रदर्शन करेंगे।”
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