ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच अब प्रकृति ने भी दस्तक दी है। शुक्रवार, 21 जून को ईरान के सेमनान क्षेत्र में भूकंप के झटकों ने लोगों में दहशत फैला दी।
युद्ध और भूकंप की दोहरी मार
पश्चिम एशिया पहले से ही इजरायल-ईरान के बीच चल रहे सैन्य तनाव के कारण संकट में है। मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच अब भूकंप की खबर ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 5.1 रही और इसका केंद्र सेमनान शहर से लगभग 37 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में, 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
राहत की खबर: नहीं हुआ बड़ा नुकसान
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने जानकारी दी कि इस भूकंप से कोई जनहानि नहीं हुई है, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्के स्तर पर नुकसान जरूर हुआ है। कुछ रिपोर्टों में भूकंप की तीव्रता 5.5 भी बताई गई, खासकर सेमनान प्रांत के सर्खेह शहर में झटके अधिक महसूस किए गए।
क्यों बार-बार हिलता है ईरान?
ईरान, भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यह देश अल्पाइन-हिमालयन सिस्मिक बेल्ट पर है, जहां अरब और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की टकराहट बार-बार भूकंप को जन्म देती है। हर साल औसतन 2,000 से अधिक भूकंप ईरान में दर्ज किए जाते हैं, जिनमें से 15-20 की तीव्रता 5.0 या उससे अधिक होती है।
इस सप्ताह पहले भी दो अन्य भूकंप आ चुके हैं — 17 जून को बुशहर प्रांत के बोराज़जान में और 19 जून को रज़ावी खोरेसान प्रांत के कशमार में, जिनकी तीव्रता 4.2 रही।
इजरायल में मिसाइल हमला: “भूकंप जैसा धमाका”
ईरान के भीतर भूकंप की खबर के साथ-साथ इजरायल में भी धमाकों ने जमीन हिला दी। 20 जून को ईरान की ओर से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल ने तेल अवीव के रमात गन इलाके में भारी विस्फोट किया। यह धमाका डायमंड एक्सचेंज टॉवर से महज 200 मीटर की दूरी पर हुआ, जिससे स्थानीय लोग बुरी तरह डर गए।
69 वर्षीय स्थानीय निवासी ने बताया, “ऐसा लगा जैसे ज़मीन हिल गई हो, जैसे एटम बम फटा हो।” इसके अलावा एक और मिसाइल ने बियरशेवा स्थित सोरोका मेडिकल सेंटर को निशाना बनाया, जहां कई लोगों के घायल होने और कम से कम 6 की हालत गंभीर होने की खबर है।
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