वॉशिंगटन/तेहरान/जेरूसलम – अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने दोनों देशों को सीजफायर का सम्मान करने की सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका “इस स्थिति से बिल्कुल भी खुश नहीं है।”
ट्रंप ने चेताया कि अगर इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले जारी रखे, तो यह संघर्ष विराम की खुली अवहेलना होगी। उन्होंने कहा, “ईरान पर बम गिराना बंद करो, फाइटर जेट्स वापस बुलाओ।”
दोनों से नाराज दिखे ट्रंप
नीदरलैंड के लिए रवाना होने से पहले प्रेस से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान और इजरायल दोनों ने युद्धविराम की शर्तों को तोड़ा है। ट्रंप के मुताबिक, “सीजफायर का उद्देश्य था कि दोनों पक्ष पीछे हटें, लेकिन हालात फिर तनावपूर्ण हो गए हैं।”
उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि “मैं किसी भी हाल में परमाणु हथियारों की होड़ नहीं चाहता। ईरान की परमाणु क्षमताएं अब खत्म हो चुकी हैं और वे इसे फिर से नहीं बना पाएंगे।”
‘धर्म और सत्य से भटके, तो सब कुछ गंवाओगे’
सीजफायर की घोषणा के समय ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि यह “मध्य पूर्व और पूरी दुनिया के लिए नई शुरुआत” साबित होगी। उन्होंने कहा था कि दोनों देश “भविष्य में प्रेम, शांति और समृद्धि की ओर बढ़ सकते हैं, लेकिन अगर उन्होंने कट्टरता या युद्ध के रास्ते को फिर से चुना, तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
ईरान का जवाब, इजरायल की प्रतिक्रिया
23 जून की रात ईरान ने अमेरिका के इराक और कतर स्थित सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। कतर ने इसे अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। वहीं इजरायल ने दावा किया कि 25 जून को ईरान ने फिर से सीजफायर तोड़कर मिसाइल दागीं, जिनका जवाब देकर IDF ने ईरान के लॉन्च पैड्स पर हमला किया।
ईरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इजरायल पर उसकी प्रतिक्रिया सीजफायर लागू होने से पहले की कार्रवाई थी।
क्या कहता है विश्लेषण?
ट्रंप की हालिया बयानबाज़ी यह दर्शाती है कि अमेरिका अब इस संघर्ष को और अधिक उग्र होते नहीं देखना चाहता। उनकी चेतावनी सिर्फ इजरायल तक सीमित नहीं थी, बल्कि ईरान को भी यह स्पष्ट संदेश गया कि अमेरिका अब संतुलनकारी भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
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