बस्तर।
जिले में डेंगू का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास सही आंकड़े नहीं हैं। पिछले दो महीनों में 70 से ज्यादा डेंगू के मरीज सामने आए हैं, जबकि विभाग के रिकॉर्ड में सिर्फ 40 मरीज दर्ज हैं।
निजी क्लिनिकों के मरीजों का डेटा नहीं पहुंच रहा
स्वास्थ्य विभाग के पास सिर्फ सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के मरीजों के आंकड़े हैं। जबकि निजी क्लिनिक और पैथोलॉजी लैब में डेंगू के और भी मरीज मिल रहे हैं, जिनका रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं पहुंच रहा। यही वजह है कि असली स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही।
पिछले 15-20 दिनों में अचानक बढ़े केस
पत्रिका की जांच में सामने आया है कि बीते 15 से 20 दिनों में डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बस्तर में डेंगू के इतने ज्यादा मरीज पहले कभी नहीं मिले थे।
विभाग का बयान – 40 मरीजों की पुष्टि
डॉ. एस. मैत्री, जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि अभी तक 40 मरीजों की पुष्टि हुई है। डेंगू प्रभावित इलाकों में विभाग की टीम भेजी गई है और रोकथाम के उपाय किए जा रहे हैं।
सिस्टम की कमी से बिगड़ रहे हालात
कोरोना के समय हर मरीज की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को मिल जाती थी, चाहे वह किसी निजी अस्पताल में इलाज करा रहा हो। लेकिन डेंगू और दूसरी बीमारियों के लिए ऐसा कोई सिस्टम नहीं बनाया गया है।
इस कारण विभाग को सही आंकड़े नहीं मिल पा रहे और संक्रमण फैलता जा रहा है।
जरूरी है डाटा कलेक्शन सिस्टम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू जैसी बीमारियों के लिए सभी निजी क्लिनिक और लैब से डाटा एकत्र करने की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे समय पर कार्रवाई की जा सकती है और बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
निष्कर्ष:
बस्तर में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन विभागीय लापरवाही और अधूरे आंकड़े इसे और खतरनाक बना रहे हैं। अब समय है कि स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो और निजी संस्थानों से भी पूरी जानकारी जुटाए।
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