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रायपुर:
प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana), जो केंद्र और राज्य सरकार की एक प्रमुख योजना है, उसके क्रियान्वयन में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। हितग्राहियों और जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की है कि अफसरों ने योजना की राशि का गलत इस्तेमाल किया है, जिससे कई लोगों को समय पर किस्त नहीं मिल पा रही।
बिना पैसा दिए मकान पूरा करने का दबाव
‘मोर जमीन मोर मकान’ योजना (बीएलसी घटक) के तहत सूडा ने निकायों को राशि दी थी, लेकिन अफसरों ने वो पैसा दूसरी योजना (एएचपी घटक) के मकानों में लगा दिया। इसके कारण बीएलसी योजना के तहत मकान बना रहे लोगों को अब समय पर पैसा नहीं मिल पा रहा।
अधिकारी बचते दिखे, ऊपर से आदेश की बात
जब यह मामला सामने आया तो संबंधित अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। लेकिन अधिकारी अपनी गलती स्वीकारने के बजाय कह रहे हैं कि उन्होंने ऊपर से आदेश मिलने पर ही ऐसा किया। वहीं, हितग्राहियों पर दबाव बनाया जा रहा है कि पहले जो पैसा मिला है, उतने का काम पूरा करो, फिर आगे की किस्त मिलेगी।
सूडा को लिखा गया पत्र
अब निकायों ने सूडा को पत्र लिखकर कहा है कि एएचपी योजना के लिए जो पैसा बीएलसी से लिया गया था, उसे पूरा करने के लिए एएचपी की राशि फिर से आवंटित की जाए, ताकि बीएलसी के मकान बना रहे लोगों को भुगतान किया जा सके।
डायरेक्ट खातों में पैसा भेज रहा है सूडा
अब इस गड़बड़ी के बाद, सूडा ने निकायों को पैसा देने की बजाय पिछले एक महीने से सीधे हितग्राहियों के खातों में पैसा भेजना शुरू कर दिया है। पहले निकायों को पैसा दिया जाता था, लेकिन उनके मनमाने इस्तेमाल के चलते अब यह व्यवस्था बदली गई है।
निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई जरूरतमंद लोग अपने सपनों का घर बना रहे हैं, लेकिन अफसरों की लापरवाही और फंड मैनेजमेंट की गड़बड़ियों के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को इस पर कड़ा एक्शन लेना जरूरी है, ताकि योजना का सही लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे।
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