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जबलपुर:
शहर के मेडिकल कॉलेज परिसर में मौजूद सुपर स्पेशलिटी अस्पताल अब और बेहतर होने जा रहा है। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अब इसके पास ही सात मंजिला एक्सटेंशन भवन बनाया जा रहा है। इस नए भवन में पुराने विभागों का विस्तार किया जाएगा और गैस्ट्रोलॉजी जैसे नए विभाग भी शुरू होंगे।
प्रोजेक्ट की हुई शुरुआती तैयारी
पीआईयू (लोक निर्माण विभाग) ने इस प्रोजेक्ट के लिए प्रारंभिक नक्शा (मैपिंग) तैयार कर लिया है। इससे अब निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
मरीजों पर बढ़ रहा है दबाव
फिलहाल जबलपुर का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल महाकोशल, विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के 22 जिलों के मरीजों के इलाज का प्रमुख केंद्र बन गया है।
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हर महीने 8-10 हार्ट बायपास सर्जरी
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सालभर में 550 से ज्यादा बड़ी सर्जरी
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कार्डियोलॉजी और यूरोलॉजी विभागों पर सबसे ज्यादा भार
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बेड की कमी के कारण गंभीर मरीजों को भी परेशानी हो रही है
अस्पताल में अभी ये सुविधाएं हैं
वर्तमान में अस्पताल में ये विभाग कार्यरत हैं:
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न्यूरोसर्जरी
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न्यूरोलॉजी
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यूरोलॉजी
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नेफ्रोलॉजी
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न्यूनेटोलॉजी
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कार्डियोलॉजी
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एनेस्थीसिया
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रेडियोलॉजी
एक्सटेंशन भवन का स्वरूप ऐसा होगा
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7 मंजिला नया भवन बनेगा
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ग्राउंड फ्लोर: ओपीडी और डॉक्टर/स्टाफ के केबिन
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पहली मंजिल: आधुनिक जांच सुविधाएं
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दूसरी से चौथी मंजिल: मरीजों के लिए वार्ड
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पांचवीं मंजिल: ऑपरेशन थिएटर
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छठी और सातवीं मंजिल: सर्विस फ्लोर और यूटिलिटी
अस्पताल की अब तक की स्थिति
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5 साल पहले खुला था सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
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150 करोड़ रुपये की लागत
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220 बेड की सुविधा
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8 विभागों के साथ हुई थी शुरुआत
अधिकारियों का क्या कहना है
डॉ. अवधेश कुशवाहा, डायरेक्टर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने बताया कि:
“नए भवन की मैपिंग पूरी हो गई है। अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। इससे मौजूदा सेवाओं में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।”
निष्कर्ष:
नए एक्सटेंशन भवन से जबलपुर और आसपास के इलाकों के मरीजों को इलाज में काफी राहत मिलेगी। अस्पताल में सुविधाएं बढ़ने से गंभीर बीमारियों के इलाज में भी आसानी होगी।
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