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किसानों के लिए खुशखबरी: हर गांव में खुलेंगे कस्टम हायरिंग सेंटर, खेती होगी हाईटेक

चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब हर ग्राम पंचायत में कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जाएंगे, जिससे खेती में आधुनिक उपकरणों का उपयोग आसान हो जाएगा। यह योजना खासकर लघु और सीमांत किसानों के लिए फायदेमंद होगी।

🚜 क्या है कस्टम हायरिंग सेंटर?

इन सेंटरों पर किसानों को खेती के लिए जरूरी महंगे यंत्र किराए पर उपलब्ध कराए जाएंगे। अब किसानों को मशीनें खरीदने की ज़रूरत नहीं होगी। वे कम लागत में आधुनिक तकनीक से खेती कर सकेंगे।


🔧 कौन-कौन से उपकरण मिलेंगे?

किसानों को इन सेंटरों से ये आधुनिक मशीनें किराए पर मिलेंगी:

  • ट्रैक्टर

  • ड्रोन स्प्रेयर

  • चॉपसर

  • हार्वेस्टिंग मशीन

  • रोटावेटर, प्लाऊ, कल्टीवेटर

  • सीड ड्रिल मशीन, पावर टिलर

  • रीपर कम बाइंडर, लैंड लेवलर

  • स्ट्रॉ रीपर, हैपी सीडर

  • पेस्ट कंट्रोल स्प्रेयर
    और भी कई उन्नत यंत्र उपलब्ध होंगे।


👨‍🌾 किसे मिलेगा फायदा?

  • जिन किसानों के पास खुद की मशीनें नहीं हैं, वे अब सेंटर से किराए पर मशीन लेकर समय पर बुवाई और कटाई कर सकेंगे।

  • खेती की लागत कम होगी।

  • प्राकृतिक आपदा की स्थिति में समय पर काम पूरा हो सकेगा।

  • खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।


💡 कौन खोल सकता है सेंटर?

  • ग्राम पंचायत स्तर पर क्रय-विक्रय सहकारी समिति या किसान समूह को प्राथमिकता दी जाएगी।

  • यदि समिति या समूह नहीं है, तो कोई भी इच्छुक व्यक्ति सेंटर खोल सकता है और इससे रोजगार भी कमा सकता है।


🏢 सरकारी सहायता

  • राज्य सरकार की ओर से अनुदान भी दिया जाएगा।

  • कृषि निदेशालय ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सेंटर खोलने के निर्देश जारी कर दिए हैं।


👉 यह योजना किसानों के लिए खेती को आसान, सस्ती और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
– दिनेश कुमार जागा, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार, चित्तौड़गढ़

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