टीम इंडिया के नए कोच गौतम गंभीर की शुरुआत व्हाइट-बॉल क्रिकेट में शानदार रही है। उनकी अगुवाई में टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन जब बात टेस्ट क्रिकेट की आती है, तो अभी भी कई सवाल उठ रहे हैं।
कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि गंभीर को अब ये सोचना होगा कि क्या वह गेंदबाजी को लेकर उतने ही गंभीर हैं जितना बल्लेबाजी में गहराई के लिए रहते हैं। टेस्ट मैच जीतने के लिए 20 विकेट लेना जरूरी होता है, और यही सबसे बड़ी चुनौती है।
गौतम गंभीर एक युवा कोच हैं। उन्होंने खुद भी ज्यादा टेस्ट मैच या घरेलू क्रिकेट नहीं खेला है, जिससे उन्हें उतना अनुभव नहीं मिला है। हालांकि, वह एक जोशीले और यंग ड्रेसिंग रूम का हिस्सा हैं, और खिलाड़ियों को मोटिवेट करने में पीछे नहीं रहते।
बतौर कोच, गंभीर को काफी आजादी मिली है – टीम सेलेक्शन से लेकर रणनीति तक। ऐसे में अब यह उनकी जिम्मेदारी है कि टीम अच्छा प्रदर्शन करे। अगर टीम जीतेगी, तो उन्हें श्रेय मिलेगा, लेकिन अगर टीम हारेगी, तो उन्हें सामने आकर ये भी कहना होगा कि “हां, हमसे गलती हुई।” इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज भले ही ड्रॉ रही हो, लेकिन खिलाड़ियों की मेहनत पर गर्व किया जा सकता है।
गंभीर की अगली बड़ी परीक्षा एशिया कप 2025 है, जो सितंबर में UAE में खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में होगा।
इसके बाद भारत को घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज और फिर साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज भी खेलनी है। अब देखना होगा कि गंभीर टेस्ट क्रिकेट में भी उतनी ही रणनीति और गंभीरता दिखा पाते हैं या नहीं।
CHANNEL009 Connects India
