भारतीय क्रिकेट टीम में कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो किसी भी परिस्थिति में टीम की जरूरत के हिसाब से खुद को ढाल लेते हैं। पिछले कुछ सालों में अगर किसी खिलाड़ी ने यह बात बार-बार साबित की है, तो वह हैं केएल राहुल। उन्हें सही मायनों में “हर मर्ज की दवा” कहा जा सकता है, क्योंकि उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20—हर फॉर्मेट में टीम की ज़रूरत पूरी की है।
हालांकि, हैरानी की बात यह है कि जिस टी20 फॉर्मेट में उन्होंने कई शानदार पारियां खेली हैं, उसमें वह लगभग तीन साल से भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहे हैं। लेकिन अब उनकी वापसी को लेकर चर्चाएं फिर से तेज हो गई हैं, खासकर एशिया कप 2025 के लिए।
हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर राहुल को बतौर सलामी बल्लेबाज खेलने का मौका मिला और उन्होंने इस अवसर को दोनों हाथों से भुनाया। उन्होंने सीरीज में दो शानदार शतक लगाए और कुल 532 रन बनाए। उनके खेल का अंदाज ऐसा रहा कि इंग्लिश पिचों पर भी गेंदबाजों के लिए उन्हें आउट करना मुश्किल हो गया। वनडे क्रिकेट में राहुल टीम इंडिया के लिए बेहद अहम खिलाड़ी हैं। यहां वह सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं करते बल्कि विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी निभाते हैं और अक्सर मध्यक्रम में उतरते हैं। उनका संतुलित खेल टीम को मजबूती देता है।
राहुल ने अब तक भारत के लिए 72 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इनमें उन्होंने 2265 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 22 अर्धशतक शामिल हैं। बतौर विकेटकीपर, उन्होंने टी20 में सिर्फ 8 मैच खेले हैं, लेकिन इन मैचों में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा—औसत 43.57 और स्ट्राइक रेट 139.26 के साथ 305 रन, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं। भले ही कभी-कभी उनके स्ट्राइक रेट पर सवाल उठते रहे हों, लेकिन आईपीएल 2025 में उन्होंने इसका बेहतरीन जवाब दिया।
पिछले सीजन आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए खेलते हुए राहुल ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 13 पारियों में 53.90 की औसत और 149.72 के स्ट्राइक रेट से 539 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक शतक और तीन अर्धशतक लगाए। खास बात यह रही कि उन्हें डीसी ने ओपनिंग से लेकर मध्यक्रम तक हर पोज़ीशन पर आज़माया और उन्होंने हर बार टीम को निराश नहीं किया।
आगामी एशिया कप में राहुल को संजू सैमसन का बैकअप विकेटकीपर बनाया जा सकता है। साथ ही, उनकी बहुमुखी प्रतिभा का फायदा टीम को ओपनिंग से लेकर मिडिल ऑर्डर तक हर जगह मिल सकता है। ठीक वनडे की तरह, उन्हें टी20 में भी मध्यक्रम में उतारा जा सकता है। राहुल की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वह टीम की जरूरत के हिसाब से अपना खेल बदल लेते हैं—कभी आक्रामक, तो कभी पारी संभालने वाले खिलाड़ी के रूप में। यही कारण है कि उनकी वापसी से टीम इंडिया को एक भरोसेमंद बल्लेबाज और विकेटकीपर दोनों का फायदा मिलेगा।
CHANNEL009 Connects India
