क्रिकेट की दुनिया में कई खिलाड़ियों के बीच दोस्ती और भाईचारे की कहानियां सुनने को मिलती हैं, लेकिन इरफान और यूसुफ पठान का रिश्ता इन सबसे अलग और खास है। दोनों भाई सिर्फ क्रिकेट के मैदान पर ही नहीं, बल्कि निजी जिंदगी में भी एक-दूसरे के सबसे बड़े सहारे हैं।
हाल ही में एक इंटरव्यू में यूसुफ पठान ने अपने और इरफान के रिश्ते के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दुनिया एक तरफ हो सकती है और भाई एक तरफ, लेकिन असली दोस्ती और भरोसा तो अपने भाई में ही मिलता है। उन्होंने बताया कि जिंदगी में कई लोग दोस्त बनकर आए और चले गए, लेकिन एक इंसान जो हमेशा साथ रहा, वो उनका भाई इरफान है।
यूसुफ ने मुस्कुराते हुए कहा – “इरफान सिर्फ मेरा भाई नहीं, बल्कि मेरी जान है। वो जो भी मांगे, मैं देने को तैयार हूं।” उन्होंने याद किया कि कई सालों तक इरफान की घड़ी और जूते उन्होंने इस्तेमाल किए। इस दौरान कभी कोई झिझक या हिसाब-किताब नहीं रहा। यूसुफ ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा – “अगर मैंने 100 रुपये कमाए, तो 50 रुपये भाई के होते हैं।”
यूसुफ ने बताया कि उनके घर में एक खास सिस्टम है, जिसे उनके पिता संभालते हैं। इस सिस्टम में भाई-भाई के बीच हर चीज बराबर बंटती है। चाहे कमाई हो, चीजें हों या मुश्किलें – सब कुछ मिलकर झेलते और बांटते हैं।
इरफान पठान ने साल 2003 में टेस्ट मैच से अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की थी। उनके स्विंग गेंदबाजी के हुनर ने उन्हें जल्दी ही भारतीय टीम में खास पहचान दिला दी। दूसरी ओर, यूसुफ पठान ने 2007 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा और अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनियाभर में नाम कमाया। भले ही क्रिकेट में दोनों का डेब्यू अलग-अलग समय पर हुआ, लेकिन एक-दूसरे के लिए उनका सपोर्ट हमेशा एक जैसा रहा।
इरफान और यूसुफ की यह कहानी सिर्फ दो भाइयों की नहीं, बल्कि उस भरोसे और प्यार की मिसाल है जो खून के रिश्ते से भी आगे बढ़कर एक-दूसरे के जीवन का अहम हिस्सा बन जाता है।
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