भारतीय मूल की ब्रिटिश नागरिक बोधना शिवानंदन ने शतरंज की दुनिया में नया इतिहास बना दिया है। वह मात्र 10 साल, 5 महीने और 3 दिन की उम्र में दुनिया की सबसे कम उम्र की इंटरनेशनल चेस मास्टर बन गई हैं।
लिवरपूल में हुई ब्रिटिश शतरंज चैंपियनशिप 2025 के आखिरी राउंड में बोधना ने 60 वर्षीय अनुभवी ग्रैंडमास्टर पीटर वेल्स को मात देकर सबको चौंका दिया। इस जीत के साथ उन्होंने अमेरिकी खिलाड़ी कैरिसा यिप का 2019 का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
इंग्लैंड चेस फेडरेशन (ECF) के अनुसार, इस जीत के साथ बोधना ने महिला इंटरनेशनल मास्टर (WIM) का खिताब पाने के लिए जरूरी सभी मानदंड पूरे कर लिए हैं। यह खिताब ग्रैंडमास्टर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 24 रेटिंग अंक भी हासिल किए और कुल मिलाकर 26वां स्थान पाया।
मैच के दौरान ECF के विशेषज्ञ कमेंटेटर डैनी गोरमली ने कहा, “आखिर उन्होंने यह मैच कैसे जीत लिया, यह जरूर कोई जादूगरनी होंगी।” उन्होंने बताया कि बोधना को साधारण लेकिन सटीक चालें खेलना पसंद है और वह आखिर में विरोधियों को मात देने में माहिर हैं। उनके खेल में विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन और महान खिलाड़ी जोस राउल कैपब्लांका की झलक दिखती है।
पिछले साल बोधना इंग्लैंड की महिला टीम में चुनी गई थीं और उन्होंने हंगरी में हुए चेस ओलंपियाड में देश का प्रतिनिधित्व किया था। तब वह किसी भी खेल में इंग्लैंड के लिए खेलने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी थीं। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना बोधना के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय मूल के समुदाय और पूरी शतरंज की दुनिया के लिए गर्व की बात है। अब सभी की निगाहें उनके अगले लक्ष्य — ग्रैंडमास्टर के खिताब — पर टिकी हैं।
CHANNEL009 Connects India
