जिम्बाब्वे दौरे पर साउथ अफ्रीका की टीम के साथ एक ऐसा पल आया जिसने पूरी क्रिकेट दुनिया को हैरान कर दिया। इस दौरे के एक टेस्ट मैच में कप्तान टेम्बा बवुमा चोट के कारण नहीं खेल सके, और उनकी जगह ऑलराउंडर वियान मुल्डर को कप्तानी सौंपी गई। यह उनके करियर का पहला ही टेस्ट था जिसमें वह कप्तान बने।
मुल्डर ने तीसरे नंबर पर उतरकर शानदार बल्लेबाजी की और जिम्बाब्वे के खिलाफ ताबड़तोड़ रन बनाए। 334 गेंदों में 49 चौके और 4 छक्कों की मदद से वे 367 रन तक पहुंच गए। उस समय क्रिकेट फैंस को लगने लगा था कि शायद वे वेस्टइंडीज़ के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा का 400 रनों का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ देंगे।
लेकिन सभी की उम्मीदों के विपरीत, मुल्डर ने खुद पारी घोषित करने का फैसला लिया। यह फैसला उन्होंने तब लिया जब वे नॉट आउट थे और आसानी से रिकॉर्ड तोड़ सकते थे। पारी घोषित करने के बाद साउथ अफ्रीका ने मैच 236 रन से जीत लिया।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जिताने वाले कप्तान टेम्बा बवुमा ने इस फैसले पर अपनी राय रखते हुए कहा: “लोग मुझसे हमेशा पूछते हैं कि इस टीम की खासियत क्या है। मैं कहता हूं कि यह सुपरस्टार खिलाड़ियों की टीम नहीं है, लेकिन यहां ऐसे पल आते हैं जो टीम की असली पहचान बताते हैं। वियान ने अपने पहले ही मैच में कप्तान के तौर पर रिकॉर्ड बनाने का मौका छोड़कर टीम को प्राथमिकता दी। यही दिखाता है कि यह टीम कैसी है।” बवुमा ने आगे कहा कि मैदान पर इस तरह का फैसला लेना आसान नहीं होता। कई खिलाड़ी कहते हैं कि टीम पहले है, लेकिन असली मायने तब होते हैं जब आप उस स्थिति में होते हैं और फिर सही फैसला लेते हैं। उन्होंने माना कि मुल्डर को इस फैसले के लिए न सिर्फ खिलाड़ियों, बल्कि पूरी क्रिकेट दुनिया से सम्मान मिलेगा।
वियान मुल्डर का यह कदम क्रिकेट में खेल भावना (Sportsmanship) का एक बड़ा उदाहरण बन गया है। जहां एक तरफ खिलाड़ी अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड के पीछे भागते हैं, वहीं मुल्डर ने टीम को पहले रखा। यही वजह है कि आज भी उनके इस फैसले की चर्चा दुनिया भर में हो रही है। साउथ अफ्रीका ने पहली पारी 626/3 पर घोषित की और फिर गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर मैच 236 रन से जीत लिया।
वियान मुल्डर ने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट सिर्फ रिकॉर्ड बनाने का खेल नहीं है, बल्कि यह टीमवर्क और सही समय पर सही फैसले लेने का नाम भी है।
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