क्रिकेट को अक्सर अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है। यहां कब मैच पलट जाए, किसी को अंदाज़ा नहीं होता। यही नज़ारा इंग्लैंड के केनिंग्टन ओवल मैदान पर देखने को मिला, जहां खेले गए The Hundred लीग के एक मुकाबले ने सभी का दिल जीत लिया।
इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए ट्रेंट रॉकेट्स ने 100 गेंदों में 7 विकेट खोकर 171 रन बना डाले। टीम की ओर से सबसे शानदार पारी जो रूट के बल्ले से आई। रूट ने सिर्फ 41 गेंदों पर 76 रन ठोके और अपनी टीम को मज़बूत स्थिति में पहुंचाया।
अब ओवल इनविंसिबल्स के सामने जीत के लिए 172 रन का बड़ा लक्ष्य था। लेकिन शुरुआत में टीम का खेल बेहद धीमा रहा। पहले 60 गेंदों तक टीम का स्कोर केवल 70 रन ही पहुंच पाया। ऐसे में मुकाबला इनविंसिबल्स के हाथ से निकलता दिख रहा था।
मैच का वो पल हर किसी को चौंका देने वाला था, जब 40 गेंदों पर जीत के लिए 102 रन चाहिए थे। उस समय आंकड़े कह रहे थे कि ओवल इनविंसिबल्स की जीत की संभावना सिर्फ 9 प्रतिशत बची थी। लेकिन क्रिकेट का यही तो मज़ा है – यहां चमत्कार कभी भी हो सकता है।
इस मुश्किल घड़ी में क्रीज़ पर मौजूद जॉर्डन कॉक्स और सैम करन ने कमाल कर दिखाया। दोनों ने मिलकर रनगति तेज की और चौके-छक्कों की बरसात कर दी। करन ने जहां 24 गेंदों में तूफानी 54 रन ठोके, वहीं कॉक्स 32 गेंदों पर नाबाद 58 रन बनाकर विजेता बनकर लौटे। इन दोनों बल्लेबाज़ों की साझेदारी इतनी जबरदस्त रही कि जो लक्ष्य नामुमकिन लगता था, उसे टीम ने मात्र 89 गेंदों में हासिल कर लिया। यानी इनविंसिबल्स ने 11 गेंद शेष रहते ही मैच अपने नाम कर लिया।
इस पारी के बाद हर कोई करन और कॉक्स की तारीफ कर रहा है। उन्होंने दिखा दिया कि क्रिकेट में आखिरी गेंद तक उम्मीद बनाए रखनी चाहिए। ये जीत सिर्फ इनविंसिबल्स ही नहीं बल्कि पूरे टूर्नामेंट के लिए यादगार लम्हा बन गई।
CHANNEL009 Connects India
