जयपुर। राजस्थान सरकार की राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अनियमितताओं पर कड़ा एक्शन लिया है। बीते एक महीने में कई अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटर और फार्मेसियों पर कार्रवाई की गई है।
अस्पतालों पर सख्त कदम
जांच और ऑडिट में गड़बड़ियां मिलने के बाद
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8 अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर योजना से बाहर (डी-एम्पैनल) किए गए।
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5 अस्पतालों का TMS (ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम) ब्लॉक किया गया, जिससे उनका भुगतान रुक गया।
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इनमें से 2 अस्पतालों का TMS पूरी तरह बंद किया गया और 3 अस्पतालों का TMS तीन महीने के लिए ब्लॉक किया गया।
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि गलत इलाज, फर्जी क्लेम और नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। सरकार साफ कर चुकी है कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
फार्मेसियों से लाखों की वसूली
परियोजना अधिकारी निधि पटेल के अनुसार—
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गलत वसूली के मामलों में 2.82 लाख रुपये लाभार्थियों को वापस दिलवाए गए।
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जनवरी में फार्मेसियों से करीब 8 लाख रुपये की रिकवरी की गई।
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23 लाख रुपये जमा कराने के लिए नोटिस जारी किए गए।
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11 फार्मेसी स्टोर को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
डॉक्टरों और लाभार्थियों पर भी कार्रवाई
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2 डॉक्टरों के निलंबन की सिफारिश की गई।
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5 डॉक्टरों पर विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र जारी हुए।
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12 डॉक्टरों को चेतावनी दी गई।
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1 डॉक्टर की आईडी छह महीने के लिए ब्लॉक की गई।
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एक लाभार्थी के खिलाफ भी संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है।
सरकार का साफ संदेश
राज्य सरकार ने कहा है कि RGHS में लाभार्थियों का हित सबसे ऊपर है। आगे भी निगरानी और सख्त की जाएगी, ताकि योजना में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
एक माह की प्रमुख कार्रवाई (संक्षेप में)
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8 अस्पताल/सेंटर डी-एम्पैनल
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5 अस्पतालों का TMS ब्लॉक
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3 अस्पतालों का TMS 3 माह के लिए बंद
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11 फार्मेसियों को नोटिस
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2.82 लाख रुपये लाभार्थियों को वापस
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8 लाख रुपये की फार्मेसी रिकवरी
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23 लाख रुपये के बकाया नोटिस
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7 डॉक्टरों पर कार्रवाई की प्रक्रिया
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12 डॉक्टरों को चेतावनी
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1 डॉक्टर की आईडी ब्लॉक
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