भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट अब सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहेगा। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (बीएमआर) में भी मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। योजना के तहत भोपाल से सीहोर, विदिशा, रायसेन और राजगढ़ तक मेट्रो की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके लिए बन रही डीपीआर (डिजाइन प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में प्रावधान किए जा रहे हैं। शासन ने बीएमआर योजना में मेट्रो को शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
भोपाल में मौजूदा मेट्रो
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शहर में 6 लाइनें तय की गई हैं।
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कुल 103 किमी लंबी मेट्रो लाइन में से फिलहाल 6.22 किमी पर कमर्शियल रन शुरू हो चुका है।
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पहले चरण की दो लाइनों के 32 किमी में मेट्रो आम जनता के लिए 2028-2030 तक पूरी तरह चलाने की योजना है।
उपनगरीय परिवहन में मेट्रो
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बीएमआर में मेट्रो लोकल ट्रांसपोर्ट का हिस्सा बनेगी।
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मेट्रो पास के शहरों और सैटेलाइट टाउनशिप से भोपाल को जोड़ेगी।
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नई टाउनशिप विकसित करने से भोपाल पर आबादी का दबाव कम होगा।
निर्माण की चुनौती
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प्रस्तावित 103 किमी नेटवर्क में अभी तक सिर्फ 7% ही बन पाया है।
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शेष नेटवर्क बनाने और सैटेलाइट शहरों तक मेट्रो पहुंचाने के लिए अधिक बजट और समय लगेगा।
मेट्रो और रोड दोनों विकल्प
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बीएमआर योजना में संबंधित क्षेत्रों को सभी सार्वजनिक परिवहन माध्यमों से जोड़ा जाएगा।
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मेट्रो, रोड और अन्य विकल्प जनता के लिए उपलब्ध रहेंगे।
संजिव सिंह, अध्यक्ष बीडीए- संभागायुक्त के अनुसार, मेट्रो प्रोजेक्ट धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में परिवहन की तस्वीर बदल देगा।
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